बेसहारा बच्चों की मां बन गई विधायक भावना बोहरा, पोंछे अपने आंचल से गरीबों के आंसू

पंडरिया। सोमवार को कवर्धा जिले के पंडरिया वनांचल क्षेत्र स्थित कुकदुर के ग्राम बाहपानी में हुए भीषण सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 19 आदिवासियों के परिवारों के बच्चों के लिए विधायक भावना बोहरा ममतामयी मां बनकर सामने आ गईं हैं।उन्होंने बेसहारा हुए इन बच्चों को गोद लेने की घोषणा की है।
विधायक भावना बोहरा ने आज मृतकों के परिजनों से उनके निवास पर जाकर भेंट की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान भावना बोहरा बहुत ही भावुक दिखीं। उनकी आंखें छलकी पड़ रही थीं। उन्हें देखकर परिवारजनों ने भी गले लगाकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह बहुत ही दुखद व पीड़ा दायक घटना है। जब परिवार का एक सदस्य जाता है, तो बड़ी पीड़ा होती है और उसकी कमी कभी पूरी नही हो सकती। विगत वर्षों में कुकदुर क्ष्रेत्र के आदिवासी भाई- बहनों ने हमेशा ही मुझे एक परिवार की भांति स्नेह व सहयोग दिया है। आज यहां इस दुख की घड़ी में मैं उन सभी परिवारजनों के साथ खड़ी हूं। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि इस हादसे में जिन बच्चों के सिर से परिजनों का साया उठ गया हैं, जिनके माता-पिता ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई है उनके परिजन की भूमिका हम निभाएंगे। भावना बोहरा ने बताया कि हादसे में दिवंगत हुए 19 लोगों के करीब 24 बेटे -बेटियों के आगे की शिक्षा, उनके रोजगार एवं विवाह तक की सारी जिम्मेदारी वे स्वयं अपने भावना समाजसेवी संस्थान के माध्यम से उठाएंगी। समूचा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र मेरा परिवार है और जब परिवार पर विपदा आती है तो उनके दुख में उनके साथ रहना मेरी जिम्मेदारी भी है और कर्तव्य भी। मैं उनके परिजनों की कमी तो पूरी नही कर सकती, लेकिन उनके सुरक्षित भविष्य के लिए प्रयास जरूर कर सकती हूं इसलिए हमने यह निर्णय लिया है। विदित हो कि घटना होने के दिन विधायक भावना बोहरा झारखंड प्रवास पर थीं। उन्हें जैसे ही घटना की जानकारी प्राप्त हुई उन्होंने तत्काल अपने सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया और लगातार पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क में रहकर हताहतों की जानकारी लेती रहीं। पूरे घटनाक्रम और राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी प्राप्त करती रहीं। उन्होंने अपने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से तुरंत ही हादसे में हताहत परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई। वे तत्काल झारखंड से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हुईं और आज हताहत परिवारजनों के निवास पहुंचकर उनसे भेंट कर एवं संवेदनाव्यक्त की।

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