बगैर स्वीकृति, महज वाहवाही लेने छात्रावास का लोकार्पण कर फंसे सांसद महेश कश्यप

बकावंड :- भाजपा शासनकाल में आदिवासी छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय है बकावंड ब्लाक में 80 आदिवासी छात्राओं को बीते वित्तीय सत्र में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाना इसका ज्वलंत उदाहरण है। यह आरोप बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने लगाया है श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद महज श्रेय लेने के उद्देश्य से सांसद महेश कश्यप द्वारा कलेक्टर एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त पर दवाब बनाकर बकावंड ब्लाक मुख्यालय में सात वर्ष पहले बने 250-250 सीटर बालक-बालिक छात्रावास भवन का 13 जुलाई 2024 को न केवल लोकार्पण किया गया बल्कि वहां बजट के स्वीकृति के बगैर छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया*

कार्यक्रम में छाती ठोककर दावा किया गया कि जो काम पांच साल में कांग्रेस सरकार नहीं कर सकी उसे हमने कर दिखाया, सांसद ने जमकर डबल इंजन की सरकार की वाहवाही बटोरी गई, हालांकि सांसद के प्रथम कार्यक्रम की सूचना न दिए जाने से भाजपा मंडल बकावंड द्वारा भी इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया

श्री बघेल ने कहा कि यही नहीं सत्र के दौरान सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों ने भी छात्रावास का निरीक्षण दिखावे के तौर पर अनेकों बार किया पर किसी ने भी स्वीकृति के बगैर दाखिल किए गए आदिवासी बच्चों की कोई सुध नहीं ली अब साल भर बाद भी शिष्यवृत्ति न मिलने से अंधकारमय हैं इतना ही नहीं बकाया शिष्यवृत्ति पटाने पालकों पर दवाब बनाया जा रहा है तथा इसके बगैर आगे की पढ़ाई छात्रावास में रहकर नहीं हो पाएगी इसकी अपरोक्ष रुप से धमकी दी जा रही है। विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि यह है भाजपा के सुशासन का चाल, चरित्र और कथनी और करनी का असली चेहरा छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे 80 छात्राओं को शिष्यवृत्ति नहीं मिली है जिसके एवज में वे दूरदराज गांव से जिला मुख्यालय पहुंच कभी इस दफ्तर तो कभी उस दफ्तर की खाक छान रहे हैं औऱ शर्म की बात है कि अधिकारीगण और जनप्रतिनिधि अब अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल ने कहा कि छात्रावास का लोकार्पण कर तिलक चंदन लगाकर सांसद बस्तर महेश कश्यप द्वारा जिन 80 आदिवासी छात्राओं का प्रवेश कराया गया उनकी शिष्यवृत्ति का शासन से प्रबंध कराएं तथा इन छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए न भटकना पड़े इसकी समुचित व्यवस्था कर आगामी सत्र से 250-250 सीट की पूर्ति और संचालन व्यवस्था की स्वीकृति कराएं, नहीं तो छात्रावास की छात्राओं और पालकों के साथ उनके बंगले का घेराव कर बेमियादी धरना प्रदर्शन किया जावेगा।

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