बाल विवाह रोकने के लिए मुस्तैदी की हिदायत
जगदलपुर। मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिला बाल संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टर हरिस एस. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रट के आस्था सभाकक्ष में हुई।
बैठक में कलेक्टर ने किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में लंबित मामलों तथा चाईल्ड हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की जानकारी ली। जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय शंकर शर्मा ने लंबित प्रकरणों के संबंध में विस्तृत विवरण के साथ जानकारी प्रदान की।कलेक्टर द्वारा बालश्रम, बाल विवाह, दत्तक ग्रहण, प्रवर्तकता कार्यक्रम एवं बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बालकों के आधार कार्ड, बैंक खाता एवं आयुष्मान कार्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षकों को संस्थाओं में निवासरत सभी बच्चों का शत प्रतिशत आधार कार्ड एवं बैंक खाता खोलने एवं आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं श्रम विभाग द्वारा बाल श्रम के विषय में बताया गया कि इस वर्ष कुल 6 बाल श्रम के प्रकरण श्रम न्यायालय में दर्ज किए गए। 4 प्रकरणों में जुर्माना अधिरोपित किया गया है एवं 2 प्रकरण श्रम न्यायालय में लंबित हैं। बैठक में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के संचालन के लिए संबंधित विभाग आपस में समन्वयन स्थापित कर जिले में पूर्णरूप से बाल विवाह रोकथाम कर बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने में तत्पर रहें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा सभी पर्यवेक्षक महिला एवं बाल विकास विभाग एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।जिसकी अधिसूचना राजपत्र में जारी किया गया है। प्रत्येक ग्राम एवं नगरीय वार्ड बाल विवाह मुक्त घोषित कर कलेक्टर के माध्यम से बाल विवाह मुक्त ग्राम एवं वार्ड का प्रमाण पत्र दिया जाना है। उक्त संबंध में कलेक्टर द्वारा शिक्षा विभाग को प्रत्येक माह स्कूल त्यागी बालकों की जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई को उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिए गए। जिससे बालकों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर बाल विवाह रोके जाने सहायता प्राप्त हो सके और उनके पुनर्वास की कार्यवाही की जा सके। अंत में कलेक्टर द्वारा बाल अधिकार संरक्षण के लिए सभी विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक निर्माण विभाग के अलावा बाल देखरेख संस्थाओ के अधीक्षक एवं बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
