सिंचाई और बिजली व्यवस्था से हैं परेशान, चूहों के आतंक से होती है फसल बर्बाद
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के किसान खासकर बस्तर के किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था सही ढंग से नहीं है और विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा भी सही कार्य नहीं किया जा रहा है जिससे उन्हें समय पर बिजली नहीं मिल पाती है। किसानों ने राष्ट्रीय स्तर की टीम के समक्ष अपनी बातों को रखा। वही बस्तर में इन दिनों भारी मात्रा में मक्का फसल लगाई जा रही है और इस फसल पर चूहों का आतंक है। जिसके कारण किसानों को मक्का फसल से दूरी बनाने की सलाह राष्ट्रीय टीम द्वारा दी गई।
केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों को संबल बनाने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाती हैं किंतु योजनाओं को लेकर धरातल पर सही ढंग से कार्य नहीं हो पता है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधर रही है।
9 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर की निगरानी टीम नालमोट द्वारा बस्तर जिले के दरभा के ग्राम तीरथगढ़ एवं केलाउर, तोकापाल के ग्राम मंडवा, एवं बास्तानार के ग्राम मूतनपाल के सामूहिक ऑयलपॉम प्रक्षेत्रों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान पौधों का निरीक्षण एवं हितग्राही कृषकों से उनकी प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की गई। कृषकों द्वारा नलकूपों में पानी की कम उपलब्धता, सभी प्रक्षेत्रों में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत लाईन विस्तार न करने के कारण पर्याप्त सिंचाई न कर पाने, चूहों द्वारा पौधों को क्षति पहुंचाने, प्रक्षेत्र में पैक हाउस की मांग से अवगत कराया गया। निगरानी दल द्वारा जल स्तर को ऊपर उठाने हेतु ऑयलपॉम योजना के प्रावधान अनुरूप छोटे-छोटे तालाब निर्माण करने, जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजकर ड्रिप संयंत्र के माध्यम से पौधों को जल उपलब्ध कराने, प्रत्येक 3 माह में फोरेट तथा खाद डालने, पौधों के थाले बनाने, सिंचाई नाली को दूर से बनाने एवं अन्तवर्तीय फसल के रूप में सूरज मुखी, उड़द, मूंग, मूंगफली एवं सब्जियों की फसलें लगाने हेतु सुक्षाव दिया गया। कुछ कृषकों द्वारा चर्चा में बताया गया कि उनके द्वारा मक्का की फसल लगाई गई थी, टीम द्वारा मक्का फसल लगाने से चूहों का प्रकोप बढ़ने की जानकारी दी गई एवं भविष्य में मक्का फसल न लगाने का सुक्षाव दिया गया। निगरानी टीम में डॉ. एके शिवहरे (टीम लीडर) दलहन विकास निदेशालय भारत सरकार, डॉ. बीना सिंह वैज्ञानिक (सदस्य) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, डॉ. केपी सिंह वैज्ञानिक (सदस्य), प्रतीक्षा बंजारे सहायक संचालक उद्यान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रायपुर शामिल रहे।
