न नोटिस दिया, न वजह पूछी, सीधे वाट्सएप पर भेज दिया सस्पेंशन ऑर्डर!

अर्जुन झा-
जगदलपुर। न शोकॉज नोटिस भेजा, न चूक की वजह पूछी, सफाई का मौका भी नहीं दिया और एक राजपत्रित अधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया गया। सस्पेंशन ऑर्डर अधिकारी के वाट्सएप पर भेजा गया, वह भी ऐसे मौके पर जब अधिकारी अपने निकट परिजन के निधन का दुख झेल रहा है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक कार्रवाई कम मानसिक उत्पीड़न कहा जाना बेहतर होगा।
छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा विभाग में जारी शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया न सिर्फ शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है, बल्कि अधिकारियों के लिए बिन बुलाए बला भी साबित हो रही है। इस प्रक्रिया के पीड़ित एक अधिकारी हैं बीईओ मानसिंह भारद्वाज, जो विकासखंड शिक्षा कार्यालय जगदलपुर में पदस्थ हैं। बीईओ मानसिंह भारद्वाज को संभाग आयुक्त के अनुमोदन पर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने महज इसलिए निलंबित कर दिया है, क्योंकि श्री भारद्वाज ने जिला स्तरीय समिति को स्कूलों और शिक्षकों की जो सूची भेजी थी, उसमें कुछ खामियां रह गई थीं। सूची में एक वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ और कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ बताया गया था तथा एक स्कूल का ग्रेड ई की जगह टी बताते हुए रिक्त पदों की जानकारी दी गई थी। यह लिपिकीय त्रुटि भी हो सकती है, मगर इतनी छोटी सी चूक के लिए बीईओ मानसिंह भारद्वाज से न स्पष्टीकरण मांगा गया और न शो कॉज नोटिस जारी किया गया। बस इतनी सी भूल के लिए राजपात्रित अधिकारी श्री भारद्वाज को सीधे निलंबित कर दिया गया, वह भी तब जब वे नियमानुसार अवकाश लेकर बाहर गए हुए थे। बताते हैं कि मानसिंह भारद्वाज कुछ दिनों पहले पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने मध्यप्रदेश के सिवनी गए हुए थे। इसी बीच वहां उनके मामा का निधन भी हो गया। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होकर श्री भारद्वाज जगदलपुर लौट रहे थे, तभी उन्हें अपने वाट्सएप सोशल मीडिया अकॉउंटपर सस्पेंशन आर्डर मिला। प्रशासनिक अधिकारियों ने मानसिंह भारद्वाज के निलंबन में जो जल्दबाजी दिखाई है, वह भी चर्चा का विषय बन गई है। निकट के परिजन के निधन का दुख झेल रहे बीईओ मानसिंह भारद्वाज को बिना सफाई का मौका दिए निलंबित कर दिए जाने से राजपात्रित अधिकारी संघ के साथ ही शिक्षकों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
*सृजनशील अधिकारी हैं भारद्वाज*
जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी मानसिंह भारद्वाज अपनी सृजनशीलता, रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षक शिक्षिकाओं के प्रति संवेदनशीलता के लिए सुविख्यात हैं। कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन और जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल की मंशा के
अनुरूप वे सदैव कार्य करते आए हैं। उनकी रचनात्मकता का सबसे बड़ा नजारा जगदलपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में देखा जा सकता है। उन्होंने अपने स्टॉफ के साथ मिलकर कार्यालय परिसर को तरह तरह के पेड़ों से आच्छादित कर रखा है। कार्यालय साफ सुथरा और हरा भरा नजर आता है। मानसिंह भारद्वाज की इस इको फ़्रेंडली पहल को देखते हुए केंद्र सरकार की संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा और तत्कालीन कलेक्टर डॉ. फैयाज़ तंबोली ने दो लाख रुपए का कैश प्राइज देकर सम्मानित किया था। वहीं श्री भारद्वाज राजपात्रित अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष भी हैं। उनके नेक कार्यों को दरकिनार करते हुए उन्हें सस्पेंड किए जाने से आम नागरिक भी हैरान हैं।

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