विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 02 वीं वाहिनी सी०आर०पी०एफ० का वृक्षा रोपण अभियान एवं ‘विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को हटाना’

जगदलपुर :- 02 वीं वाहिनी जो कि छत्तीसगढ़ राज्य के अतिनक्सल प्रभावी जिले सुकमा में विगत कई वर्षों से सघन नक्सल विरोधी अभियान में तैनात है तथा क्षेत्र की सुरक्षा व मानव सेवा में अपना बहुमुल्य योगदान दे रही है। बरसात की शुरूआत में ही बड़े पैमाने में फलदार व छायादार वक्षो का पौधारोपण द्वितीय वाहिनी द्वारा किया जा रहा है। इसी कम में दिनांक 05/06/2025 को श्री रति कान्त बेहेरा कमाण्डेन्ट, द्वितीय वाहिनी के.रि.पु.बल के नेतृत्व में द्वितीय वाहिनी मुख्यालय सबरीनगर सुकमा परिसर के चारो तरफ एवं कैम्प रामाराम, चिन्तागुफा, मिनपा, एवं एफ०ओ०बी० मुर्कराजकोण्डा व दुलेर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण का कार्यकम आयोजित किया गया जिसमें वाहिनी के श्री पवन कुमार द्वितीय कमान अधिकारी, श्री अनामी शरण द्वितीय कमान अधिकारी, डा० देवेन्द्र कुमार चिकित्सा अधिकारी, श्री भास्कर भट्टाचार्य, उप. कमाण्डेन्ट, श्री राजीव कुमार, सहा० कमा०, अधीनस्थ अधिकारी व अन्य जवानों ने बड़ी संख्या में वृक्षारोपण किया गया, जिसमें आम, अमरूद, ऑवला, नीम, कटहल, सीताफल, बरगद, गुलमोहर व अन्य छायादार पौध थे, साथ ही ‘विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को हटाना’ पर कार्य करते हुए कैम्प में प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने एवं सुकमा की जैव विविधता को बचाने के लिए सबरीनगर सुकमा में प्लास्टिक के प्रयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए शपथ भो ली, इस अवसर पर श्री पवन कुमार द्वितीय कमान अधिकारी 02 बटालियन ने जवानों को वृक्षों की उपयोगिता एवं आवश्यकता के बारे में बताया कि वृक्ष हैं, जीवन का आधार, इन्हें बचाना हमारा अधिकार और उन्होनें यह भी अवगत कराया कि 02 बटालियन के द्वारा इस वर्ष अभी तक 1500 पौधे पर लगा दिये गये है, सुकमा के विभिन्न स्थानों पर अभी तक द्वितीय वाहिनी के द्वारा लगभग 25000 पौधे लगाये जा चुके हैं और उनकी देखभाल द्वितीय वाहिनी, के.रि.पु.बल के जवान कर रहे है साथ ही यह संदेश भी दिया कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए खतरनाक वस्तु है प्लास्टिक पैसा मटेरियल है जो सालो तक खत्म नहीं होता है, जिसके चलते पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान होता है। अतः आप सभी मिलकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और प्लास्टिक को प्रयोग में न लाएं।

पर्यावरण को बचाना है, वृक्षारोपण अपनाना है।

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