अब कोई स्टूडेंट नहीं कहलाएगा बैक बेंचर; यू शेप में होगी बैठने की व्यवस्था

बकावंड। सरकारी हो या निजी स्कूल, हर जगह प्रायः यही देखने सुनने में आता है कि तेज बच्चों को तो क्लास रूम में सबसे सामने बिठाया जाता है और पढ़ाई में कमजोर अथवा थोड़ा खुराफाती किस्म के बच्चों को सबसे पीछे वाली बेंचेस या कुर्सियों में बिठा दिया जाता है। अब शिक्षा में यह कुशासन बंद हो रहा है और साय का सुशासन नजर आने लगा है। अब होशियार बच्चे या टीचर कमजोर बच्चों को बैक बेंचर कहकर उनका मनोबलनहीं गिरा पाएंगे, क्योंकि अब कोई विद्यार्थी बैक बेंचर रहेगा ही नहीं। अब सारे बच्चे यू शेप की टेबल कुर्सियों में बैठकर पढ़ाई करेंगे।
स्कूलों के होशियार विद्यार्थी और बड़े घरों के बिगड़े नवाबजादे अंतिम कक्षा की पंक्ति में बैठने वाले बच्चों को बैक बेंचर कहकर चिढ़ाते और प्रताड़ित करते हैं। इससे उन बच्चों का मनोबल टूटता है और वे हीन भावना का शिकार हो जाते हैं। मगर अब कोई भी बच्चा नहीं रहेगा बैक बेंचर। विकासखंड बकावंड के उलनार के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में ग्रीष्म अवकाश के बाद नए सत्र में यू शेप में बैठक व्यवस्था करवाई गई है। दरअसल एंगेज 360 एक समग्र शिक्षा दृष्टिकोण है जो छात्रों के शैक्षिक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे छात्रों के परिवेश, साथियों के साथ बातचीत, विषयों की प्रासंगिकता और पाठों की संवादात्मक प्रकृति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें छात्रों के अकादमिक विकास के साथ-साथ उनके सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। यह छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं और सीखने की शैलियों को समझने पर जोर देने वाला जरिया भी है।यह शिक्षण प्रक्रिया जैसे कक्षा में सीखना, प्रौद्योगिकी का उपयोग और वास्तविक जीवन के अनुभव को एकीकृत करता है। एंगेज 360 का उद्देश्य छात्रों को एक आकर्षक और सहायक शिक्षण वातावरण प्रदान करना है जो उनकी सीखने की जरूरतों को पूरा करता है और उन्हें सफलता की ओर ले जाता है। उलनार स्थित डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल ने भी प्राचार्य मनोज शंकर के मार्गदर्शन में यह अनोखी पहल की गई है, जिसमें छात्रों की बैठने की व्यवस्था को बदलकर यू आकृति में किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना और उनकी शैक्षिक प्रगति में सुधार करना है। स्कूल में छात्रों की मेज तीन तरफ दीवार से लगाई है जबकि शिक्षक कक्षा के बीच में या सामने बैठकर पढ़ाई करा रहे हैं। शिक्षक अब छात्रों की आवश्यकताओं और सीखने की शैलियों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

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