वेद सप्ताह का भव्य शुभारंभ: डीएवी पब्लिक स्कूल उलनार में श्रावणी पर्व की धूम”

जगदलपुर :- आज आधुनिक युग में हम पाश्चात्य सभ्यता का अंधानुकरण कर रहे हैं कहीं ना कहीं हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं जिस कारण नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है परंतु हमारा उद्देश्य बच्चों के अंदर नैतिक मूल्यों का विकास करके अपनी संस्कृति और सभ्यता से परिचित करवाना है। डीएवी संस्था का मूल उद्देश्य यही है और इसी उद्देश्य से आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा एवं डीएवी के दिशा निर्देश, प्राचार्य श्री मनोज शंकर जी के स्नेहिल मार्गदर्शन में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल उलनार के प्रांगण में श्रावणी उपाक्रम के अंतर्गत आयोजित वेद प्रचार सप्ताह का आज पहला दिन उत्साह पूर्वक मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम प्रातःकालीन सभा में स्वामी दयानंद सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित, पुष्पार्पण एवं माल्यार्पण कर की गई तत्पश्चात ईश्वरस्तुति, प्रार्थना उपासना, वेद मंत्रों का सुस्वर गायन विद्यार्थियों द्वारा किया गया। विद्यालय के प्राचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में महर्षि दयानंद सरस्वती के संदेशों का सार,श्रावणी उपाक्रम के महत्व, प्रासंगिकता और वेदों के पठन पाठन विषय पर अपने विचार व्यक्त किए तथा महर्षि दयानंद जी द्वारा रचित आर्याभिविनय में संकलित उपयोगी विचारों से विद्यार्थियों को अवगत कराया तत्पश्चात वेदों के महत्व और यज्ञ के आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय के प्राचार्य,संस्कृत शिक्षिका श्रीमती लेखनी दीवान एवं विद्यार्थियों ने साथ मिलकर हवन यज्ञ सम्पन्न करवाया। विद्यार्थियों को हवन यज्ञ के माध्यम से भारतीय संस्कृति के महत्व के विषय में बताया गया चारों वेदों की विशेष आहुतियां मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ में डाली गई।
संस्कृत शिक्षिका श्रीमती लेखनी दीवान जी ने कहा कि वेद रूपी ज्ञान जीवन में नई ऊर्जा को देने वाला है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता का मूल आधार वेद है।हमें महर्षि दयानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। साथ ही उनके बताए गए मार्गों का अनुसरण करना चाहिए। इस अवसर पर साथ ही साथ ‘प्रकृति के संरक्षण’ के लिए वृक्षारोपण भी की गई। प्राचार्य महोदय ने वेद प्रचार सप्ताह के आयोजन की विशेष सराहना करते हुए अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में वैदिक संस्कृति को पुनर्जीवित करके हम अपने देश की सांस्कृतिक नींव को मजबूत कर सकते हैं ऐसे कार्यक्रम का आयोजन हमारे विद्यार्थियों में संस्कार आरोपित करने के लिए ही करते हैं इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे मौकों पर प्रतिभागी बनकर लाभ उठाना चाहिए कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य,शिक्षक,विद्यार्थी एवं कर्मचारीगण सभी उपस्थित थे।

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