सचिव और पूर्व सरपंच मिलकर हड़प कर गए लाखों रुपए
–अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत बनियागांव पंचायत सचिव और पूर्व सरपंच द्वारा शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आया है। वहीं तबादला हो जाने के बावजूद सचिव इस ग्राम पंचायत को छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं। वे दूसरे सचिव को चार्ज देने में आनाकानी कर रहे हैं। इधर जब जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होते ही पूर्व सरपंच ने खुद को पाक साफ बताते हुए घपलेबाजी के लिए सचिव को ही पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा दिया है।
उल्लेखनीय है कि बनियागांव के तूफान सिन्हा एवं अन्य ग्रामवासियों द्वारा जिला पंचायत तथा जनपद पंचायत में पूरे मामले की शिकायत की थी। शिकायतमें बताया गया है कि बनियागांव में पूर्व सरपंच भंवर लाल मौर्य और पंचायत सचिव राजेश नाग द्वारा शौचालय निर्माण, मंदिर निर्माण, पाईप लाईन बिछाने आदि कार्यों के लिए प्राप्त राशि का आहरण कर राशि का गबन कर लिया गया।स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2016-17 में 326 परिवारों हेतु शौचालय निर्माण स्वीकृत किए गए थे, जिसका अंतिम किश्त की राशि 1 लाख 47 हजार रुपए हितग्राहियों को व सामग्री क्रय करने व वेंडर को भुगतान हेतु ग्राम पंचायत कार्यकाल में प्राप्त हुए थे। शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृत हितग्राहियों द्वारा स्वयं की राशि का व्यय किया गया था। कुल 13 हितग्राहियों द्वारा निर्मित शौचालय की राशि 12 हजार रुपए के मान से पूर्व सरपंच एवं सचिव द्वारा आहरण कर हितग्राहियों को भुगतान नही किया गया है। इस मद के कुल 1 लाख 56 हजार रुपए हजम कर लिए गए। 15वें वित्त मद से पाईप लाईन विस्तार कार्य हेतु दो बार में कुल 90 हजार रूपए आहरित तो कर लिए गए, मगर कार्य कराया ही नहीं गया। मनरेगा योजना के तहत कुआं निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में भंवरलाल पिता लखमू के नाम से स्वीकृत कार्य में पुराने कुएं को दिखाकर मजदूरी राशि 47 हजार 188 रुपए एवं सामग्री राशि 72 हजार 600 रुपए हड़प लिए गए। इसी तरह हेमराज पिता लखमू के नाम से स्वीकृत कुंआ बिना खुदाई किये राशि 47 हजार 188 रुपए का मजदूरी भुगतान दर्शा कर गटक लिए गए। इस तरह पूर्व सरपंच और सचिव ने कुल 4 लाख 48 हजार 746 रूपए की गड़बड़ी की गई है। जांच में ये सारे आरोप प्रमाणित पाए गए। इसके बाद जनपद सीईओ द्वारा पूर्व सरपंच भंवर लाल मौर्य और सचिव राजेश नाग को नोटिस जारी कर कहा गया है कि आपके द्वारा राशि का आहरण तो किया गया है, किन्तु कार्य स्थल पर कार्य होना और संबंधितों को भुगतान होना नही पाया गया है। आहरित एवं अप्रारंभ कार्य की भुगतान राशि ग्राम पंचायत के संबंधित खाते में 07 दिवस के भीतर जमा करवाकर समायोजन करावें, एव इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में राशि का समायोजन नही करवाने एवं संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत नही करने की स्थिति में आपके विरूद्ध उक्त राशि के गबन का दोषी मानते हुए पंचायत राज अधिनियम के धारा 92 के तहत वसूली की कार्रवाई हेतु विहित प्राधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बकावंड को पत्र लिखा जाएगा और पुलिस थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। सरपंच ने जनपद सीईओ को स्पष्टीकरण में इन सभी कृत्यों के लिए सचिव राजेश नाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सचिव की ही देखरेख में सारे कार्य हुए हैं और राशि भी अकेले सचिव ने ही रखली है।
लीपापोती के लिए हथकंडा
वर्तमान में सचिव राजेश नाग दो ग्राम पंचायतों बनियागांव और ऊलनार का प्रभारी है। वहीं पूर्व सरपंच ने लिखित जवाब में जनपद सीईओ को बताया कि उसने सचिव के दिशा निर्देश पर ही यह किया है। जब सरपंच को इसकी भनक लगी तो सचिव को हटाने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा सचिव सोनाधर कश्यप को बनियागांव का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया गया। सोनाधर कश्यप बनियागांव में अपनी जॉइनिंग लेने पहुंचा तो लेकिन सचिव राजेश नाग ने सोनाधर कशयप को प्रभार नहीं दिया और बनियागांव पंचायत में अपना कब्जा जमाए रखा। चुनाव हुआ सरपंच भी बदल गया फिर शासन के आदेश पर हरे कृष्णा पुजारी को बनिया गांव का सचिव नियुक्त करने का आदेश हुआ। हरे कृष्णा ने आकर जॉइनिंग ली, लेकिन उन्हें आधा अधूरा प्रभार ही दिया गया। उन्हें आज तारीख तक रोकड़ बही और पिछला कार्यों के कोई दस्तावेज राजेश नाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
