धान खरीदी केंद्रों में प्रभारी, मिलर्स और अधिकारियों की मनमानी से किसान परेशान

राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। परलकोट अंतर्गत धान खरीदी केंद्रों के प्रभारी मिलर्स एवं उच्च अधिकारियों की मनमानी से परेशान। धान खरीदी केंद्रों में भरत राइस मील कांकेर एवं अन्य राइस मिलो के द्वारा अधिकारी से सांठगांठ कर फटे पुराने रिजेक्ट किस्म के बारदानों की सप्लाई की जा रही है। ईरपानार केंद्र में भरत राइस मील कांकेर के द्वारा 15 हजार तीन सौ बंडल पुराने बारदाना भेजे गए। केंद्र के हमाली राजित यादव,अनिल यादव,सेठु जादव,मंटू झा,अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र में सरकार के द्वारा राइस मिलर के माध्यम से जो पुराने वारदाना सप्लाई किया जा रहा है। एक बंडल में पचास वारदाना कहकर भेजा जाता है जिसमें हर बंडल में दो,तीन वारदाना कम ओर,15 से 20 बोरे तो कटेफेट होते है,जिसमें धान नहीं भरा जा सकता अगर सिलाई करेगी भार भी दिए तो स्टैग में नहीं लगाया जाता लगाते ही फटने लगता है।

परलकोट के एक केंद्र प्रभारी ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि राइस मिलर के मालिक तो केंद्र में अभी नहीं आते हैं। और फटे पुराने बोरे भेज देते है। तब हम अगर बारदाना को गिनते ओर चढ़ते हैं तो उच्च अधिकारी का फोन आ जाता है। कहतें हैं ज्यादा देखादेखी मत करो धान को मिलर्स वाले ही उठाएंगे फिर तुम परेशानी होगी यह सुना कर हम डर जाते और आनन फानन में पावती दे देते हैं। जिसका खामियाजा हमें खरीदी के बाद चुकाना पड़ता है। प्रभारियों के कहे अनुसार बारदाना के बंडल दो चार बारदाने लगभग हर बंडल में कम और 20 से 25 बारदाने पूरी तरह से फटे हुए होते हैं जिसकी सिलाई होनी भी मुश्किल होती है। केंद्र प्रभारी ने यह भी बताया कि भरत राइस मिल एवं अन्य राइस मिलो के द्वारा पुराने बारदानों के बंडल में डाल कर छोटे बोरी भी भेज देते हैं। जिसमें 40 किलो धान नहीं भरा जा सकता। बता दें कि डिलीवरी मेमो में भरत रईस मिल कांकेर का नाम का उलेख है।

ईरपानार धान खरीदी केंद्र अंतर्गत आने वाले किसान सुरेश मंडल ने बताया कि केंद्र में धान भरने के लिए जो पुराने बारदाना केंद्र प्रभारियों के द्वारा दिया जाता है उसको सिलाई करने के बाद भी धान गिरता रहता है जिसे हमें नुकसान होता है। परलकोट धान केंद्र प्रभारियों ने कहा कि राईस मीलरो के द्वारा भेजे पुराने फटे बारदानों की सिलाई करके भी उपयोग में नहीं लिया जा सकता,एक बोरी की कीमत लगभग 25 रुपये के आसपास है। लेने से मना करने से अधिकारी दबाव बनाते है। केंद्रों के प्रभारी ने कहा कि वापस ना लेने की स्थिति में सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों उनका भुगतान रोकने की मांग करेंगे।

इस संबंध पर पखांजूर लैम्पस प्रभारी प्रबंधक बाशु दास ने बताया कि मिलर्स और हमारी बैठक में यह बात क्लियर हो गई थी कि मिलर्स के द्वारा भेजे गए पुराने बोरे की बंडल में बोरे कटेफटे निकालेगे तो बोरी वापस होगी। केंद्र प्रभारी को यह निर्देश है कि बिना देखे बारदाने न ले। कटेफाटे बारदाने को वापस करे। तभी बारदान की प्राप्ति (पावती) दे।

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