पखांजूर क्षेत्र के पी व्ही 93 छोटे बेठिया ट्रांसफॉर्मर की बाट जोहती ट्रांसफॉर्मर डीपी
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। बांदे क्षेत्र अंतर्गत छोटे बेठिया बिजली सब स्टेशन ग्राम पीवी 93 डी.पी.जो में तीन साल पहले 2022 में विद्युत विभाग के द्वारा दो किसान की मांग पर विद्युत विभाग के द्वारा ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लगाने के चार माह बाद ही कर्मचारी के द्वारा बिना उपभोक्ता को बताए ट्रांसफॉर्मर उठा कर ले गए। ग्रामीणों ने बताया ट्रांसफॉर्मर अच्छा था खराब भी नही हुआ था, कर्मचारी अच्छे ट्रांसफॉर्मर को दूसरी जगह पैसा ले लगा दिए है, इन तीन सालों में संबंधित किसानों द्वारा लगभग पचासों बार बिजली ऑफिस छोटे बेठिया और बांदे का चक्कर लगाते रहे। किसानों ने बताया दो फसल लेने के लिए हमने मिलकर ट्रांसफॉर्मर लगाया था,ताकि जीवन यापन सुझारू रूप से चल सके,परंतु ट्रांसफॉर्मर निकाल ले जाने से हम एक ही फसल ले पा रहे हैं जिससे प्रत्येक किसान को लाखों का नुकसान हो रहा है। विभाग की लापरवाही ऐसी की बिजली बिल तो प्रतिमाह आ जाता है जो अब लगभग बीस बीस हजार से ऊपर का हो चुका है।एक मौसम की मार और दूसरा बिजली विभाग की मार ऐसे में किसान की स्थिति दयनीय होना लाजमी है। इसी गांव में एक और ट्रांसफॉर्मर है जहा का केबल पिछले 1 साल से जला पड़ा है पर बदलने के लिए पचासों चक्कर लगा चुके। विद्युत विभाग के किसान विरोधी इस तरह के कृत्य पर पता नही कब किसानों की हितैषी कहने वाली सरकार की नजर जायेगी। सरकार बस कहती है करती कुछ नही है। अब देखना होगा के इस प्रकार के ट्रांसफॉर्मर निकालना और बरसो तक न लगाना बहुत बड़ी अनियमितता ,भ्रष्टाचार और विद्युत विभाग के स्थानीय अधिकारियों की मनमानी को दिखाता है देखते हैं उच्च कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही किया जाता है या नही। महिला किसान श्री मति सरस्वती हालदार,श्रीमति शीला ने कहा कि अब तो ऐसे हालात में हम खेती किसानी करे या बिजली ऑफिस के चक्कर लगाए अब तो जीवन यापन भी दुभर हो गया है । छोटे बेठिया वितरण केन्द्र बनाने से इस क्षेत्र के लोगो को बहुत उम्मीद थी कि बिजली व्यवस्था सुधरेगी छोटे बेठिया में सब स्टेशन भी बन गया पर कोई भी कनिष्ठ अभियंता मुख्यालय नही रहते लाइन मेन फील्ड नही आते क्या सुधार होगा।
किसानों ने कहा कि हमारे क्षेत्र के सहायक अभियंता से मिलने के लिए पखांजूर जाना पड़ता है। पखांजूर उपसंभाग में बांदे, पखांजूर के नाम से दो-दो सहायक अभियंता है, दोनों पखांजूर में बैठते है हमारे बांदे सहायक अभियंता को बांदे होना चाहिए ताकि ग्रामीण आसनी से अपनी समस्याओं को उन्हें बता कर मुलाकात कर सके,परंतु पखांजुर चक्कर लगाना पड़ता है। जिससे उनका आर्थिक और समय दोनों का नुकसान होता है।

इस संबंध पर छोटे बैठिया कनिष्ठ यंत्री डोमेन्द्र कुमार ठाकुर ने बताया मेरे कार्यकाल समय का नहीं है,किस करण वास निकाल गया होगा मैं भी बोल पाऊंगा,अभी ट्रांसफार्मर नहीं है आते ही लगवाया जाएगा।
इस संबंध पर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता बांदे अगस्ते कुमार ध्रुव ने बतलाया कि लगे ट्रांसफार्मर को खराब होने की स्थिति में उनके स्थान पर दूसरा लगाकर खोला जाता है,किस करण खोला गया पता करवाता हू।
