जल जीवन मिशन के कार्यों को जल्द पूर्ण करने कलेक्टर छिकारा ने दिए निर्देश, मगर बकावंड में बात ही कुछ और
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा चुनौतियां सामने सामने आने से पहले उनसे लड़ने के पुख्ता इंतजाम करने में विश्वास रखते हैं।. यही वजह है कि गर्मी के मौसम में आने वाली मुश्किलों को दूर करने में वे अभी से जुट गए हैं। वहीं दूसरी ओर पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी सम्हालने वाले विभाग सालों से नींद में हैं। बकावंड ब्लॉक में पेयजल योजनाओं की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। विभागीय अधिकारी भी इससे बेखबर नहीं हैं, मगर वे जानबूझ कर अनजान बने बैठे हैं।. बकावंड ब्लॉक के दर्जनों गांवों में टंकियां बन चुकी हैं, पाईप लाइनें बिछाई जा चुकी हैं और ठेकेदारों को करोड़ों का भुगतान भी कर दिया गया है। इसके बावजूद ग्रामीणों को आज तक एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हो पाया है। कलेक्टर श्री छिकारा बकावंड ब्लॉक में नल जल योजना, जल जीवन मिशन आदि योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी पड़ताल करते या फिर करवाते हैं हैं तो करोड़ों के भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आ जाएगा और तब शायद ग्रामीणों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार शुद्ध पेयजल नसीब हो पाएगा।
ज्ञात हो कि बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित जल प्रदाय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने बैठक में जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत बनाए जा रहे हाई लेवल ओवरहेड टैंक के निर्माण को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए सुधार योग्य नल-जल योजनाओं की शीघ्र मरम्मत कराने तथा हैंडपंपों के समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने कहा। साथ ही सोलर ड्यूल पंपों का नियमित संधारण कर उन्हें सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान स्वीकृत जल प्रदाय योजनाओं की स्थिति, हर घर जल प्रमाणीकरण, उच्च स्तरीय जलागार निर्माण की प्रगति, सोलर ड्यूल पंप स्थापना इत्यादि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड जगदलपुर एवं क्रेडा के अधिकारी तथा मैदानी कर्मचारी उपस्थित थे।
ड्यूल पंप बंद, टंकियां प्यासी
कलेक्टर श्री छिकारा की पहल और सोच अच्छी है, मगर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और क्रेडा के अधिकारियों ने बकावंड विकासखंड में जो काम करवाए हैं, वे निहायत ही स्तरहीन और औचित्य से दूर हैं। विकासखंड के कुछ गांवों में बंद पड़े सोलर ड्यूल पंप को सुधरवाने या बदलने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ड्यूल पंप घटिया किस्म के लगवाए गए हैं, जो चंद दिनों में ही बेदम हो गए।इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन और नल जल योजना के कार्यों में भ्रष्टाचार की खुली छूट ठेकेदार को दे रखी थी। कई पंचायतों में ओवरहेड टंकियां से रिसाव हो रहा है, तो कहीं टंकियां सूखी पड़ी हैं।. पाईप लाइन बिछाने और घर घर नल कनेक्शन देने में भी जमकर लापरवाही बरती गई है।कई जगहों पर आधी अधूरी पाईप लाइन बिछाई गई है, पाईप लाइनों में लीकेज की समस्या भी सामने आ रही है। वहीं दर्जनों घरों में नल कनेक्शन नहीं लग पाए हैं, मगर विभाग ने ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया है। अब देखना है कि इस मामले में कलेक्टर क्या एक्शन लेते हैं?
