किसान ने पकड़ी खाद की कालाबाजारी, उड़ीसा के लोगों को बेच रहे खाद



जगदलपुर: खरीफ सीजन के बीच जहां सहकारी समितियों में खाद की किल्लत बनी हुई है, वहीं निजी खाद बीज विक्रेता खाद की जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ अब किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। ऐसा ही एक मामला जिले के आमागुड़ा से सामने आया है।


बस्तर जिले के नगरनार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमागुड़ा के महालक्ष्मी कृषि केंद्र में खाद की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है। इस कृषि केंद्र में उन व्यक्तियों को भी खाद बेची जा रही है, जिनके पास कृषि भूमि ही नहीं है। बिना जमीन वाले लोगों के नाम पर रसीद काटकर खाद की कालाबाजारी की जा रही है। एग्री स्टेक पोर्टल की अनिवार्य प्रक्रिया को दरकिनार कर किसानों को तय दरों पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। डीएपी खाद की एमआरपी 1350 रुपए है, मगर यह खाद 2300 रुपए प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है।किसान चंद्रकांत सेठिया ने उड़ीसा ले जाई जा रही 30 बोरी डीएपी को ट्रैक्टर सहित पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि खाद महालक्ष्मी केंद्र से 2300 रुपए प्रति बोरी की दर से खरीदी गई है। किसानों ने ट्रैक्टर और खाद नगरनार पुलिस थाना के सुपुर्द कर दिया है। इतनी बड़ी अनियमितता के बावजूद कृषि विभाग की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है विभाग की लापरवाही से hi खाद की कालाबाजारी बढ़ रही है। किसानों ने जिला कलेक्टर से महालक्ष्मी केंद्र का लाइसेंस रद्द करने, दुकान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और एग्री स्टेक पोर्टल सत्यापन अनिवार्य करने की मांग की है।

होगी वैधानिक कार्रवाई
खाद से जुड़ा मामला थाने में आया है, ट्रैक्टर में खाद की कुछ बोरिया हैं। उच्च अधिकारी के मार्गदर्शन के अनुसार उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-संतोष सिंह,
इंस्पेक्टर, नगरनार थाना

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