हायर सेकंडरी स्कूल सरगीपाल परीक्षा केंद्र में कलेक्टर छिकारा की दबिश
बकावंड। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हायर सेकंडरी 2वीं बोर्ड परीक्षा के अंतर्गत 12 मार्च को इतिहास विषय का पेपर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परीक्षा की शुचिता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा स्वयं मैदानी स्तर पर उतरे।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ विकासखंड बकावंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरगीपाल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे, तहसीलदार जागेश्वरी पोयाम और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जागेश्वर कुर्रे भी मौजूद रहीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र में बैठक व्यवस्था, पेयजल और सुरक्षा मानकों का अवलोकन किया। कलेक्टर ने केंद्र में तैनात पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन हो और परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।इस दौरान शिक्षा विभाग की टीम से विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव, खंड स्त्रोत समन्वयक सोन सिंह बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और पारदर्शिता का माहौल देखा गया।कलेक्टर ने स्कूल की संस्था अटल टिंकरिंग लैब का भी अवलोकन किया। कलेक्टर ने बच्चों से चर्चा की। प्राचार्य श्रीमती अय्यर व शिक्षकों से भी भेंट कर संस्था की साफ सफाई और वातावरण की सराहना की।
कलेक्टर छिकारा ने ली क्लास
श्री छिकारा neपीएम श्री स्कूल करपावंड का भी निरीक्षण और लैब का अवलोकन किया। कलेक्टर श्री छिकारा ने कक्षा आठवीं के बच्चों को गणित का पाठ पढ़ाया। लगभग 1 घंटे के अध्यापन कार्य में बच्चों के साथ कलेक्टर पूरी तरह घुल मिल गए थे। कलेक्टर ने कक्षा तीसरी के बच्चों से कविताएं पूछी एवं बच्चों द्वारा कविता का पाठ किया गया। बच्चों के स्पष्ट कविता वचन करने पर कलेक्टर द्वारा बच्चों को चॉकलेट का वितरण भी किया गया।निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर आकाश छिकारा ने खासपारा सौतपुर करपावंड में उल्लास केंद्र पहुंच कर जायजा लिया। ग्रामीणों और विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव और खंड स्त्रोत समन्वयक सोन सिंह बघेल के साथ शासन की महती योजना ‘उल्लास’ की प्रगति पर चर्चा की। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि उल्लास’ योजना के तहत नव-साक्षरों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी रहे।उन्होंने कहा कि साक्षरता दर बढ़ाने और ‘जन-जन साक्षर’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर स्वयंसेवकों के जरिए प्रभावी वातावरण तैयार किया जाए। उन्होंने विद्यालय परिसर में साक्षरता के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिए।
