साय के सुशासन में प्रशासनिक कुशासन



-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड में सुशासन सरकार में प्रशासनिक अधिकारी किस प्रकार कुशासन चला कर साय सरकार को बदनाम कर रहे हैं, इसका उदाहरण देखने मिल रहा है। अधिकारियों के संरक्षण में रेत माफिया ने पहले तो हजारों घन मीटर रेत का अवैध खनन और परिवहन किया और अब अफसरों की ही निगहबानी में डंप की गई रेत को ठिकाने लगाया जा रहा है। खनिज विभाग का मंत्रालय खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्हाल रहे हैं और उसी विभाग में जंगल राज चल रहा है।
छत्तीसगढ़ और उड़ीसा सीमा से बहने वाली भास्कली नदी से माफिया विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से रेत का अवैध खनन कर उसे सरेआम उड़ीसा और बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट में मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। इस ओर कई बार ध्यान आकर्षित कराए जाने के बावजूद प्रशासनिक पकड़ रखने वाले रेत माफिया उल्टे पत्रकारों को ही निपटा देने की धमकी देने लगे हैं। लगातार खबर प्रकाशित होने से बौखलाए खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों और रेत माफिया ने सरेआम संदेश दिया है कि इंद्रावती अथवा भास्कली नदी में ही खबर छापने वालों की समाधि बना दी जाएगी। कल से ही माइनिंग विभाग द्वारा संरक्षित आंतोराम नामक माफिया ने छत्तीसगढ़ की सीमा में डंप अपने रेत भंडार को हटाकर उड़ीसा के बोरगांव में डंप करना शुरू कर दिया है। वहीं बाजावंड से भास्कली नदी के इलाके से कुछ अधिकारियों की सह पर माफिया लगातार रेत खनन कर रहा है। दुख इस बात का है कि मुख्यमंत्री के विभाग से संबंधित इस कार्य में सत्ता, विपक्ष और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं तथा एकमत होकर रेत के अवैध उत्खनन करा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर अब बनियागांव और आसपास के अन्य गांवों के ग्रामीण रायपुर जाकर सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत करने की तैयारी में हैं।

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