पहेला बैशाख पर सीएम हाउस में सजी सांस्कृतिक आत्मीयता की शाम, बंगाली समाज को मिला सम्मान
जगदलपुर। बंगला नववर्ष पहेला बैशाख के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के बांग्लाभाषी बंगाली समाज को सीएम हाउस में रात्रि भोज के लिए आमंत्रित कर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सम्मान का अनूठा संदेश दिया। इस विशेष अवसर पर प्रदेश के विभिन्न संभागों से पहुंचे समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं साझा कीं।
कार्यक्रम में बस्तर संभाग से समाज के संभागीय अध्यक्ष जीवानंद हालदार, महासचिव श्याम घोष, उपाध्यक्ष सुब्रत विश्वास, सह सचिव प्रदीप गुहा सहित पखांजूर से जिला पंचायत सदस्य दीपांकर राय और अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। साथ ही समाज की ओर से दो महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्षों से बसे बंगाली समाज को प्रदत्त भूमि का स्वामित्व अधिकार देने तथा जगदलपुर संभाग मुख्यालय में एक संभाग स्तरीय बंग भवन के निर्माण की मांग शामिल रही। इन मांगों को समाज के विकास और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा अहम मुद्दा बताया गया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में बंगाली समाज को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस समाज ने छत्तीसगढ़ के विकास में, विशेषकर बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में, महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पिछले छह दशकों से निवास कर रहे बंगाली समाज को भूमि स्वामित्व दिलाने के लिए राज्य सरकार गंभीरतापूर्वक प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भूमि पट्टा कानून बनने के बावजूद स्वामित्व न मिलने के कारणों की जांच अधिकारियों से कराई जाएगी। कार्यक्रम का समापन आत्मीय वातावरण में रात्रि भोज के साथ हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित समाजजनों के साथ समय बिताते हुए आपसी सौहार्द और एकता का संदेश दिया। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक पर्व का उत्सव था, बल्कि समाज और शासन के बीच मजबूत संबंध का महा संगम भी बन गया।
