प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अब शिक्षा मॉडल की खोली पोल
-अर्जुन झा-
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज इन दिनों अपने गृह जिले बस्तर के प्रवास पर हैं। वे यहां गांवों का का दौरा कर साय के सुशासन और भाजपा के विकास मॉडल की पोल खोलने में जुटे हुए हैं। एक दिन पहले दीपक बैज सालभर से टूटे पड़े पुल पर जाकर साय सरकार पर जमकर बरसे थे।
अपने गृह क्षेत्र चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के चीतापुर की नदी पर निर्मित पुल के साल 2025 से टूटी हालत में पड़े रहने और बांस बल्लियों से बनाए गए जुगाड़ वाले खतरनाक पुल के सीन शूट कर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सरकार पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विकसित बस्तर का दम भरने वाली भाजपा सरकार का यह जुगाड़ वाला विकास है। इसके बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज साय सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने स्कूलों में दस्तक देने लगे हैं। आज उन्होंने बस्तर जिले की ग्राम पंचायत चिड़पाल में जाकर प्राथमिक शाला की बदहाली देखी, वीडियो शूट किया और भाजपा सरकार के शिक्षा मॉडल की पोल खोल कर रख दी। दीपक बैज ने कहा- “यह तस्वीर बस्तर की ग्राम पंचायत चिड़पाल के सरकारी स्कूल की है। इस स्कूल में न पर्याप्त भवन है, न शिक्षक। पहली से पांचवीं तक के बच्चे हेडमास्टर के कमरे में एक साथ बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं, जबकि अन्य बच्चे अतिरिक्त कक्ष में जैसे-तैसे पढ़ रहे हैं। मंत्री जी हवाई जहाज से बस्तर आते हैं, हवा-हवाई दावे करते हैं और लौट जाते हैं। कभी जमीन पर उतरकर बस्तर के अंदरूनी गांवों के स्कूल देख लेते, तो पता चलता कि बस्तर के बच्चे किन परिस्थितियों में अपना भविष्य गढ़ रहे हैं।आसमान से बस्तर देखने वालों को जमीन पर बदहाल शिक्षा कैसे दिखाई देगा। ” दीपक बैज ने बताया कि इस शाला में 153 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जबकि यहां 5 शिक्षक और एक प्रधान पाठक होना चाहिए। दो में से एक शिक्षक के अवकाश पर रहने की स्थिति में यहां पढ़ाई का भट्ठा बैठ जाता है। वहीं प्रधान पाठक कक्ष में सभी 153 बच्चों को एकसाथ बिठाकर पढ़ा पाना संभव नहीं होता। अतिरिक्त कक्ष सुरंग जैसा संकरा है और वहां विद्यार्थी आराम से बैठ नहीं पाते। वहीं दूसरी ओर पुराना भवन बुरी तरह जर्जर हो चुका है और वहां अब कक्षाएं लगाना बंद कर दी गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इन सारी खामियों को उजागर करते हुए साय सरकार से सवाल किया है- क्या यही बस्तर में भाजपा का शिक्षा मॉडल है?
