दल्ली राजहरा में तहसीलदार नहीं, सारी व्यवस्थाएं चौपट
दल्लीराजहरा। भिलाई इस्पात संयंत्र की धड़कन कही जाने वाली लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा की धड़कन तहसीलदार के अभाव में थमती सी नजर आ रही है। दल्ली राजहरा 55 हजार से अधिक आबादी वाला शहर है। माइंस और रेलवे क्षेत्र से घिरे इस शहर में दिन-रात हजारों लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद शहर में स्थायी तहसीलदार की पदस्थापना नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वर्तमान में दल्ली राजहरा एवं डौंडी क्षेत्र के लिए एक ही तहसीलदार नियुक्त हैं, जो गुरुर से आवागमन करते हैं। ऐसे में दल्लीराजहरा में समय पर प्रशासनिक एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट स्तर की कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी की उपलब्धता नहीं हो पाती।तहसीलदार केवल राजस्व एवं जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले अधिकारी ही नहीं, बल्कि कई मामलों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। ऐसे में किसी संवेदनशील स्थिति, आंदोलन, धरना, जुलूस या कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थिति में तहसीलदार की तत्काल मौजूदगी महत्वपूर्ण हो जाती है।
अक्सर होते हैं आंदोल
दल्लीराजहरा क्षेत्र में लौह अयस्क माइंस से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आए दिन आंदोलन, हड़ताल और प्रदर्शन होते रहते हैं। रेलवे क्षेत्र होने के कारण भी यहां गतिविधियां लगातार बनी रहती हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों के बाजार, माइंस क्षेत्र से आने-जाने वाले भारी वाहन तथा विभिन्न मांगों को लेकर संगठनों द्वारा किए जाने वाले सड़क आंदोलन के कारण शहर में अक्सर भीड़भाड़ की स्थिति रहती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक अधिकारी की तत्काल मौजूदगी जरूरी होती है। वहीं दूसरी ओर जमीन-जायदाद और राजस्व से जुड़े मामलों की सुनवाई एवं निराकरण के लिए भी लोगों को अधिकारी की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे कई मामले लंबित होने के साथ उनकी जटिलता भी बढ़ती जा रही है।
दो म्यान, तलवार एक
दल्लीराजहरा और डौंडी दोनों ही क्षेत्रों में प्रशासनिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां बनी रहती हैं। इसके बावजूद दोनों क्षेत्रों के लिए एक ही तहसीलदार की नियुक्ति होने से अधिकारी को दोनों क्षेत्रों में समय देना पड़ता है। दल्लीराजहरा में तहसीलदार के लिए स्थायी कार्यालय की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद यहां स्थायी पदस्थापना नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय पत्रकारों द्वारा कुछ माह पूर्व जिला कलेक्टर से भी दल्लीराजहरा में तहसीलदार की स्थायी नियुक्ति को लेकर मौखिक रूप से आग्रह किया गया था। उस दौरान कलेक्टर द्वारा जल्द व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया था। अब एक बार फिर क्षेत्रवासियों द्वारा स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति की मांग उठाई जा रही है।
नई नियुक्ति होते ही तैनाती
इस संबंध में एसडीएम दल्लीराजहरा सुरेश साहू ने बताया कि जिला कलेक्टर से इस विषय में चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि नए तहसीलदार की नियुक्ति होते ही उन्हें दल्लीराजहरा क्षेत्र के लिए भेजा जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि दल्लीराजहरा जैसे महत्वपूर्ण एवं व्यस्त क्षेत्र में स्थायी तहसीलदार की पदस्थापना होने से राजस्व मामलों के निराकरण के साथ ही कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में भी प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने में सुविधा होगी।
प्रावधान का करें पालन
शासकीय अधिकारियों का मुख्यालय में निवास करना जरूरी है। इस प्रावधान का हर अधिकारी को पालन करना चाहिए, हालांकि स्टॉफ की कमी से विभाग को परेशानी हो रही है, किंतु तहसीलदार नेताम अगर सरकारी कायदे कानून का पालन नहीं करेंगे तो उन पर विभागीय कार्रवाई होगी।
-श्री लकड़ा,
अपर कलेक्टर बालोद
