विशेष रिपोर्ट”गुरमुख जुम्मनानी मामले में नया खुलासा: 50+ संपत्तियां परिजनों के नाम, बेचने की तैयारी; जीएसटी विभाग पर मिलीभगत के आरोप””जेवरा सिरसा में अवैध गुटखा कारोबार का संदेह, सागर जुम्मनानी के खातों की जांच की मांग”
दुर्ग
जीएसटी विभाग द्वारा गुरमुख जुम्मनानी के खिलाफ 317 करोड़ के टैक्स बकाया को लेकर 90 दिन में वसूली का आदेश जारी किए जाने के बाद अब मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरमुख जुम्मनानी के पास अभी तक केवल 11 संपत्तियां ही कुर्क की गई हैं, जबकि उनके पास विभिन्न परिजनों के नाम से 50 से अधिक संपत्तियां हैं।

संपत्तियों को बेचने की तैयारी, जीएसटी विभाग कब करेगा कुर्की?
सूत्रों का दावा है कि गुरमुख जुम्मनानी ने अपनी सभी संपत्तियों को आनंद पालन में बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। सवाल उठता है कि जीएसटी विभाग इन शेष संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई कब करेगा और बिक्री पर रोक कब लगाएगा?
पेपर में छपी खबर के अनुसार जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुम्मनानी के खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी की वसूली के आदेश दिए हैं। विभाग ने पिछले 5 वर्षों की गणना कर यह राशि तय की है।
सील की गई जगहों से मिलीभगत कर सामान निकालने का आरोप
विशेष सूत्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि जितनी बार भी गुरमुख पर जीएसटी विभाग और खाद्य विभाग द्वारा कार्रवाई हुई, जिन जगहों को सील किया गया वहां अधिकारियों से साठगांठ कर सामग्री को वहां से निकाल लिया जाता है। सूत्रों ने मांग की है कि इस मामले की भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
खबर के अनुसार विभाग ने गुरमुख के खिलाफ आदेश जारी कर 90 दिन के भीतर राशि जमा करने को कहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राशि जमा न करने पर संपत्तियों को कुर्क कर रकम की वसूली की जाएगी।
जेवरा सिरसा में नया कारोबार, सागर जुम्मनानी के खाते की जांच की मांग
विशेष सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि जेवरा सिरसा के पास धंधा रोड में सागर जुम्मनानी द्वारा वाइन-बिसलेरी का काम शुरू किया जा रहा है। सूत्रों का आरोप है कि सागर जुम्मनानी के खाते से ही अवैध गुटखे के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खरीद-फरोख्त की जाती थी। सूत्रों ने जीएसटी विभाग से सागर जुम्मनानी के खातों की तत्काल जांच करने की मांग की है।
विभाग की कार्रवाई
जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरमुख जुम्मनानी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। 12 संपत्तियां पहले ही चिन्हित की जा चुकी हैं। विभाग ने कहा कि यदि 90 दिन में राशि जमा नहीं होती है तो कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल जीएसटी विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि संपत्तियों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाकर शेष 40 से अधिक संपत्तियों की पहचान कर कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
