नजूल भूमि पर नपा कर्मचारी ने किया खेल, एसडीएम ने जड़ दिया ताला; आम आदमी परेशान
दल्ली राजहरा। नगर के आशा टॉकीज की भूमि को लेकर उपजी व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता में प्रशासन के हस्तक्षेप ने एक आम रास्ते को बंद कर दिया है। इससे लोगों को आवाजही में बड़ी दिक्कत हो रही है। इस पूरे मामले में नगर पालिका के एक वसूलीबाज कर्मचारी की बड़ी भूमिका रही है।

आशा टॉकीज में नगर पालिका परिषद के राजस्व विभाग के एक कर्मचारी को मोटी रकम देकर आशा टॉकीज परिसर स्थित नजूल की जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा जमाने की कोशिश की थी और इसमें वह काफी हद तक सफल भी रहा है। शहर के कुछ व्यापारियों ने इसका पुरजोर विरोध किया। मामला स्थानीय एसडीएम तक पहुंचा। एसडीएम के हस्तक्षेप पर उक्त जमीन से गुजरे मुख्य मार्ग पर तालाबंदी कर दी गई है।. इससे व्यापारी, आम नागरिक और विद्यार्थी काफी परेशान हैं। क्षणिक रूप से उत्पन्न विवाद को समाप्त करने के लिए उक्त जगह पर तालाबंदी एसडीएम द्वारा की गई है, लेकिन वह नजूल की जमीन। बिना नजूल अधिकारी की सहमति के उक्त मार्ग को बंद करना अब क्या न्यायोचित हो सकता है? नागरिकों का कहना है कि नजूल जमीन पर किसी तरह की कार्रवाई करने का अधिकार राजस्व विभाग को नहीं है। इस जमीन को पालिका के तथाकथित बुद्धिमान कर्मचारी ने कथित टैक्स के रूप में रकम लेकर कईयों को मालिकाना हक दे दिया है। जबकि नजूल भूमि आवंटित करने का अधिकार नगर पालिका को भी नहीं है। नगर पालिका के इस कर्मचारी द्वारा दायरे से बाहर जाकर किए गए असैंवाधानिक कृत्य ने अब लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। लोगो का कहना है कि कुछ बड़े व्यवसायियों ने कथित बुद्धिमान कर्मचारी की मदद से उक्त भूमि पर न सिर्फ खुद कब्जा किया है, बल्कि औरों को भी कब्जा करा दिया है। उक्त जगह पर पूर्व से काबिज से कुछ जगह खरीदी गई थी और उसका टैक्स भी पालिका में जमा किया था। मगर अब एक अन्य नजूल की बड़ी जगह पर कब्जा को लेकर विवाद हुआ, जिससे बिना नजूल अधिकारी से सलाह लिए एसडीएम ने उक्त मार्ग पर तालाबंदी कर दी है। पीड़ित छोटे व्यापारी अब स्थानीय एसडीएम से आवागमन मार्ग खोलने की अपील कर रहे हैं, मगर बड़े कब्जेधारी के दवाब में स्थानीय प्रशासन चुप बैठा है।
