कवर्धा में चक्काजाम से व्यापार प्रभावित, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति ठप होने की आशंका

कवर्धा ,,भारतीय किसान महासंघ द्वारा कवर्धा की चारों प्रमुख सड़कों पर चक्काजाम किए जाने से शहर का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आंदोलन के कारण शहर में जरूरी वस्तुओं की आवक बाधित होने लगी है। दूध, फल, सब्जी, दवाइयां, रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल सहित अन्य आवश्यक सामान की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ ही बैंकों में नकदी पहुंचने को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ब्रेड , अंडे ठन्डे अथवा जमी हुई खाद्य सामग्री के जाम में फंसे होने से खाद्य सामग्री की कमी होने की सम्भावना के साथ साथ नवरात्री, दसहरा आने वाले बड़े त्योहारों का माल भी जाम में फंसे होने से बड़ी दिक्कत होगी ।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देश के प्रमुख व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आज कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई। बैठक में चक्का जाम से शहर के व्यापार, आम नागरिकों और आवश्यक सेवाओं पर पड़ने वाले असर पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और आने वाले दिनों में पैदा हो सकने वाली समस्याओं को लेकर चिंता जताई।

CAIT के पदाधिकारियों ने प्रशासन से फोन पर भी चर्चा की। इसके साथ ही स्टेट बैंक के मैनेजर के साथ बैठक कर बैंकिंग व्यवस्था और नकदी की उपलब्धता पर पड़ने वाले संभावित असर पर बात की गई।

ATM और बैंकों में नकदी की समस्या बढ़ने की आशंका

CAIT ने चिंता जताई कि यदि चक्काजाम के कारण कैश वैन का शहर में प्रवेश बाधित होता है, SBI कवर्धा के शाखा प्रबंधक ने बताया कि कवर्धा शहर में बैंक में उपलब्ध नगदी को ATM में पर्याप्त मात्र में डाला गया है परन्तु आस पास आवागमन न होने के कारन अन्य गाँव तथा तहसील मुख्यालय में नगदी ले जाना संभव नही हो पा रहा है । वाले समय में बैंकों और एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है। इसका असर आम नागरिकों, व्यापारियों और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ सकता है।

संगठन का कहना है कि शहर की जरूरतों को देखते हुए दूध, फल, सब्जी, दवाइयों, पेट्रोल, गैस सिलेंडर और बैंकिंग सेवाओं जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। इसके लिए प्रशासन को जल्द से जल्द कोई व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए।

लंबे समय तक बाजार प्रभावित रहा तो व्यापारियों को हो सकता है भारी नुकसान

CAIT के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश आहूजा ने कहा, “हम किसानों की मांगों और उनके आंदोलन के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन चक्का जाम के कारण पूरे शहर का व्यापार और आम लोगों की जरूरी सुविधाएं प्रभावित होना भी गंभीर विषय है। अगर यह स्थिति ज्यादा दिनों तक बनी रही, तो छोटे और मध्यम व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन को जल्द समाधान निकालना चाहिए।”

जिलाध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा, “व्यापारियों के लिए हर दिन का कारोबार महत्वपूर्ण होता है। माल की आवक बंद होने और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ रही है। हमारी मांग है कि बातचीत के जरिए जल्द रास्ता निकाला जाए, ताकि आंदोलन का समाधान भी हो और शहर की व्यवस्था भी बनी रहे।”

जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश तिवारी ने कहा, “यह मामला केवल व्यापार का नहीं है, बल्कि आम जनता की जरूरतों से भी जुड़ा हुआ है। दवाइयों, दूध, सब्जियों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही, तो लोगों को परेशानी होगी। प्रशासन को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।”

जिला उपाध्यक्ष प्रभु राजपुरोहित ने कहा, “अगर चक्काजाम लंबा चला, तो इसका असर दुकानों की बिक्री के साथ-साथ माल की उपलब्धता पर भी पड़ेगा। छोटे व्यापारियों के लिए लगातार नुकसान सहना आसान नहीं है। इसलिए जरूरी है कि सभी पक्ष बैठकर जल्द समाधान निकालें।”

कोषाध्यक्ष ज्ञानी गुप्ता ने कहा, “बैंकों में नकदी और एटीएम की व्यवस्था आम लोगों के लिए बेहद जरूरी है। कैश वैन की आवाजाही प्रभावित होने से आगे चलकर नकदी की समस्या पैदा हो सकती है। प्रशासन को बैंक प्रबंधन के साथ समन्वय बनाकर इसका समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।”

मंत्री गोल्डी बग्गा ने कहा, “व्यापारियों के सामने इस समय अनिश्चितता की स्थिति है। कब तक माल आएगा और कब सामान्य कारोबार शुरू होगा, यह स्पष्ट नहीं है। प्रशासन को स्थिति सामान्य करने के लिए जल्द पहल करनी चाहिए।”

उपाध्यक्ष भागीरथी सिन्हा ने कहा, “आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आंदोलन का समाधान बातचीत से निकले, ताकि शहर के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।”

जिला पदाधिकारी रियाज शेखानी ने कहा, “अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर केवल आज के कारोबार पर नहीं, बल्कि आने वाले दिनों की व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर जल्द समाधान निकालना चाहिए।”

CAIT की प्रशासन से अपील

CAIT ने जिला प्रशासन से अपील की है कि किसान महासंघ और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर चक्काजाम का जल्द समाधान निकाला जाए। साथ ही दूध, फल, सब्जी, दवाइयों, पेट्रोल, गैस सिलेंडर और बैंकिंग सेवाओं जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

संगठन ने यह भी कहा कि यदि चक्काजाम लंबे समय तक जारी रहता है और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है, तो उनकी स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजे पर भी विचार किया जाना चाहिए।

CAIT ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी के आंदोलन का विरोध करना नहीं, बल्कि शहर के व्यापार, आम नागरिकों की सुविधाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द पहल करेगा और कवर्धा में सामान्य स्थिति बहाल होगी।

इस आपात बैठक और प्रशासन से चर्चा में CAIT के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश आहूजा, जिलाध्यक्ष दीप शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष प्रभु राजपुरोहित, कोषाध्यक्ष ज्ञानी गुप्ता, मंत्री गोल्डी बग्गा, उपाध्यक्ष भागीरथी सिन्हा, मोहम्मद रियाज शेखानी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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