शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढोढरेपाल में व्यावसायिक शिक्षा एवं ICT लैब का अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण
बकावंड :- ढोढरेपाल, विकासखण्ड बकावंड, जिला बस्तर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढोढरेपाल में सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती जयंती कश्यप एवं व्यावसायिक शिक्षा व ICT जिला नोडल अधिकारी श्री सूरज निर्मलकर द्वारा विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा एवं ICT लैब का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लैब की व्यवस्थाओं, उपलब्ध उपकरणों, प्रायोगिक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों की कार्यकुशलता का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित ऑटोमोबाइल एवं कृषि ट्रेड की लैब में रखी मशीनों और उपकरणों के उपयोग की जानकारी ली। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले प्रायोगिक कार्यों, वर्षभर आयोजित गतिविधियों एवं उनकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
व्यावसायिक प्रशिक्षक श्री खगेंद्र पाढ़ी ने ऑटोमोबाइल लैब में कराए जाने वाले विभिन्न प्रायोगिक कार्यों, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा उनकी उपलब्धियों से अधिकारियों को अवगत कराया।
वहीं कृषि व्यावसायिक प्रशिक्षक श्रीमती शकुंतला केरकेट्टा ने कृषि उपकरणों के उपयोग, विद्यार्थियों को दिए जाने वाले व्यावहारिक प्रशिक्षण, स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षण तथा औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) से विद्यार्थियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।

इसके पश्चात अधिकारियों ने ICT लैब का निरीक्षण किया। श्री प्रदीप पटेल ने स्मार्ट टीवी एवं डिजिटल माध्यमों के उपयोग से शिक्षण कार्य कराए जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। जिला नोडल अधिकारी श्री सूरज निर्मलकर ने विद्यार्थियों से संवाद कर पूछा कि ICT लैब से उन्हें किस प्रकार लाभ मिल रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि वीडियो एवं डिजिटल सामग्री के माध्यम से विषयों को विस्तार से समझने में सहायता मिलती है। इससे कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझने तथा पढ़ी गई बातों को लंबे समय तक याद रखने में मदद मिलती है।
विद्यालय में ऑटोमोबाइल, कृषि एवं ICT लैब का सुव्यवस्थित संचालन, उपकरणों का उपयोग तथा नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों को देखकर अधिकारियों ने संबंधित शिक्षकों एवं विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती ममता सार्वा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा को निरंतर बढ़ावा देने की बात कही।
यह निरीक्षण विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा एवं डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
