खबर का असर : कचनार लेम्पस घोटाला उजागर होते ही बैंक ने प्रबंधक को हटाया, नरहरपुर से कचनार भेजा

बकावंड। अखबार में खबर छपते ही जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर हरकत में आ गया है। लेम्पस कचनार में किसान के फर्जी हस्ताक्षर से खाद निकालने के मामले में बैंक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित समिति प्रबंधक का तत्काल स्थानांतरण कर दिया है।

बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश क्रमांक / स्थापना / 2257 / 2026-2027, दिनांक 03/11/26 में साफ लिखा है –

“कार्य-व्यवस्था की दृष्टि से श्री लवण सिंह कश्यप, समिति प्रबंधक, समिति नरहरपुर एवं अतिरिक्त प्रभार समिति बिरनपुर, शाखा नरहरपुर का स्थानांतरण कर समिति कचनार, शाखा बस्तर में पदस्थ किया जाता है। वे अपना संपूर्ण प्रभार शाखा प्रबंधक के निर्देशानुसार सौंपकर तत्काल पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें।”

क्या था पूरा मामला –
ग्राम बेड़ा उमरगांव निवासी किसान श्याम लाल कश्यप ने शिकायत की थी कि उसने खाद लिया ही नहीं, फिर भी 29-09-26 को उसके खाते से 11359.70 रुपये का खाद आहरण दिखा दिया गया। बैंक रसीद में उसके फर्जी हस्ताक्षर थे। शिकायत करने पर प्रबंधक ने कहा था – “जो कराना है करा लो।”

खबर छपने और किसान द्वारा 27-10-26 को थाने में शिकायत के बाद ही बैंक प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

क्यों है ये आदेश महत्वपूर्ण –

  1. कचनार समिति में ही सबसे बड़ा घोटाला हुआ था, अब उसी समिति में नए प्रबंधक की पदस्थापना की गई है।
  2. आदेश में “तत्काल उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें” लिखा है, यानी बैंक अब लीपापोती के मूड में नहीं है।
  3. आदेश की प्रतिलिपि संयुक्त आयुक्त, सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयक बस्तर संभाग, उप आयुक्त बस्तर / कांकेर तक भेजी गई है।

ग्रामीणों की मांग अभी बाकी –
ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ तबादला काफी नहीं है। फर्जी हस्ताक्षर करने वाले, रसीद काटने वाले और खाद गबन करने वाले के खिलाफ FIR, वसूली और बर्खास्तगी होनी चाहिए। अगर सिर्फ तबादले से मामला दबाया गया तो किसान फिर आंदोलन करेंगे।

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