मां के आंचल के सामने बेबस हुए लू के थपेड़े, एक साल की बच्ची से साथ धरना देने पहुंची मां सीमा साहू, मां से बड़ा योद्धा कोई नहीं, नारी शक्ति जिंदाबाद के लगे नारे
रायपुर- 42 डिग्री तापमान में विगत 43 दिन से महात्मा गांधी नरेगा योजना में कार्य करने वाले अधिकारी, कर्मचारी और रोजगार सहायक नियमितिकरण की मांग को लेकर धरना दे रहे है। पंडाल में बैठे ये कर्मचारी उस वक्त भावुक और उत्साह से भर गए, सोमवार को जब पंडाल में रायपुर जिले के ग्राम पंचायत बिरबिरा की रोजगार सहायिका सीमा साहू अपनी 1 साल की बच्ची खिवांशी को लेकर शामिल हुई। यह मनरेगा कर्मचारियों के लिए बड़ा ही भावुक और उत्साह का संचार करने वाला क्षण था। एक मां के आंचल के सामने गर्मी का तेवर व लू के थपेड़े बेबस नजर आ रहे थे । पंडाल में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित थे।
एक मां की अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण, त्याग और उत्साह को देखकर छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रांता उपाधक्ष टीकम कौशिक ने सीमा साहू का सम्मान किया और नारी शक्ति जिंदाबाद के नारे लगाए। कौशिक ने कहा कि अब हमें कोई चिंता नहीं है, मां से बड़ा कोई योद्धा नही है। निसंदेह जागृत नारी शक्ति ही हमें अपने नियमितिकरण के लक्ष्य तक पहुंचाएगी।
सीमा साहू से जब पूछा गया कि आप इतने तेज धूप और गर्मी में एक साल की बच्ची को लेकर क्यों शामिल हुई है तो उन्होंने कहा कि 15 साल से हम संविदा कुप्रथा का दंश झेल रहे है, जिसे खत्म करने के लिए मेरे भाई इतनी गर्मी में दंतेवाड़ा से रायपुर तक पैदल पहुुचे है, मैं उन भाइयों को हौसला बढ़ाने आई हूं। इस बार हम नियमितिकरण लेकर ही रहेंगे।
