मोदी सरकार 8 साल में नही कर पाई किसानों का पूरा वादा- विक्रम शाह मंडावी

किसान सम्मान निधि के आड़ में मोदी सरकार अपने किसान विरोधी चेहरा को ढकने की कोशिश कर रही है- विक्रम शाह मंडावी

बीजापुर :- क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी ने कहा कि मोदी सरकार 8 साल के कार्यकाल में किसानों से किये वादा को पूरा नहीं कर पाई लोकसभा चुनाव के दौरान किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का ड़ेढ गुना समर्थन मूल्य देने, सस्ते दरों में रासायनिक उर्वरक खाद व डीजल देने कीटनाशक उपलब्ध कराने एवं 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। जिसे पूरा करने में मोदी सरकार और भाजपा अब तक असफल साबित हुई है।

विक्रम शाह मंडावी ने कहा कि मोदी सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आड़ में अपने किसान विरोधी चरित्र और चेहरा को छुपाना चाहती हैं। मोदी सरकार और भाजपा ने तीन काले कृषि कानून लाकर जो देश भर के किसानों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र रचा था जिसके खिलाफ देशभर के किसानों में भारी आक्रोश था और 14 महीने के आंदोलन और 700 किसानों की शहादत के बाद उस कानून को वापस लिया गया और कानून वापसी के दौरान जो कमेटी बनाकर किसानों की मांगों को पूरा करने का वादा किया गया था जिसका अब तक अता पता नहीं है जिसके खिलाफ किसानों के आक्रोश और भड़क रहे हैं। इससे घबराई मोदी सरकार अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। अपने विज्ञप्ति में विक्रम शाह मंडावी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देने में भी किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है पहले चरण में छत्तीसगढ़ के लगभग 35 लाख से अधिक किसान सम्मान निधि दिया गया उसके बाद धीरे-धीरे इसमें किसानों की संख्या में कटौती कर दिया गया अब छत्तीसगढ़ के 53 हजार किसानों को मोदी सरकार नोटिस देकर किसान सम्मान निधि वापस मांग रही है यह कैसा सम्मान निधि है? मोदी सरकार के मनमाने और हठधर्मिता के चलते देश भर के किसान परेशान हैं समय पर किसानों को रासायनिक खाद कीटनाशक नहीं मिल पा रहा है धान खरीदी के दौरान भी बारदाना आवंटन करने में मोदी सरकार नखरा करती है। विक्रम शाह मंडावी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार वादा अनुसार किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ दिया छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसानों को 11000 करोड़ का कर्ज माफ किया गया।800 करोड़ का सिंचाई कर माफ किया गया किसानों की धान की कीमत 2500 रु. प्रति क्विंटल खरीदी की जा रही है बिजली बिल हाफ की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। किसानों को स्थाई बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। लगातार छत्तीसगढ़ में किसानों के हित के लिए काम किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ देश की पहला राज्य है जहां के किसानों को धान की कीमत सबसे ज्यादा मिल रही है। धान के अलावा मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, गन्ना, दलहन, तिलहन, फलदार वृक्ष और सब्जी लगाने वाले किसानों को भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से 10000 रु. प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी दिया जा रहा हैं। ऐसी योजना किसी भाजपा शासित राज्यों में नहीं है ना ही केंद्र में बैठी मोदी सरकार ने किसानों के हित में कोई निर्णय किया है। मोदी सरकार लगातार किसान विरोधी कृत्य में लगी हुई है। अपने विज्ञप्ति में विक्रम शाह मंडावी ने कहा है कि आने वाले दिनों में मोदी सरकार और भाजपा के किसान विरोधी व जन-विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे ।

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