विभाग की लापरवाही के चलते अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई पाने दर-दर भटकने को मजबूर है सेवानिवृत केंसर पीड़ित महिला कर्मचारी, सेवानिवृत हुए बीत गए तीन वर्ष, किंतु अब तक नही हो पाई पेंशन की शुरुवात

बीजापुर:— कहते हैं कि पेंशन उन शासकीय कर्मचारीयों के लिए जीवन भर जीने का एकमात्र सहारा होता है जो नौकरी के बाद रिटायर हो जाते है, परंतु इन दिनों बीजापुर में रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन के लिए सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों को दर-दर भटकने मजबूर होना पड़ रहा है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जहां केंसर से पीड़ित एक महिला कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद अपने ही पेंशन के लिए दफ्तरों में दर-दर भटक रही है बावजूद आज तक उसे पेंशन अप्राप्त है इस मामले को लेकर सेवानिवृत्त महिला कलेक्टर से भी गुहार लगा चुकी है, परंतु समस्या के समाधान के बजाय उसे दर ब दर घुमाया जा रहा है।

पीएचसी कुटरु में एलएचव्ही के पद पर पदस्थ रहकर 30 अप्रैल 2019 को सेवानिवृत्त होने वाली महिला कर्मचारी समक्का सोढ़ी ने बताया कि उनका कार्यकाल पूर्ण होने के बाद वह 2019 में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं परंतु विभाग द्वारा अब तक उसे पेंशन नहीं दिया जा रहा है । सेवा पुस्तिका को भी बड़े बाबू द्वारा रायपुर भेज दिया गया है । परंतु पेंशन की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई उन्होंने बताया कि वह कैंसर की मरीज है और 2 माह पहले ही रायपुर के होरीजन अस्पताल में उनके कैंसर का ऑपरेशन हुआ है अब उन्हें जांच के लिए बार-बार रायपुर जाना पड़ता है । जिसके लिए उन्हें पैसों की सख्त आवश्यकता रहती है परंतु पेंशन ना मिलने के चलते उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है । उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उनकी समस्या और पीड़ा को देखते हुए उनका पेंशन भुगतान कराया जाए ताकि उनके परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ इलाज में सुविधा हो सके । उन्होंने बताया कि उनसे जो भी जानकारी विभाग द्वारा मांगी थी उन्होंने सारी जानकारी उपलब्ध करा दी है, परंतु आज पर्यंत तक पेंशन प्रक्रिया शुरू ना होने से वे काफी परेशान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *