खाद्य विभाग ने नहीं भेजा राशन ,लोगों का राशन लेकर जा रहे किसान का ट्रैक्टर नाले में बहा, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष ने लगाए प्रशासन पर गंभीर आरोप

सरकार सण्ड्रा इलाके में राशन पहुंचाने में नाकाम, ग्रामीण निजी वाहनों में ले जाने को मजबूर – गिरिजा शंकर

भोपालपटनम(जरखांन) :- बस्तर संभाग में बारिश की वजह से कई जिलों में बाढ़ की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हैं, छोटे बड़े नदी नालों के भर जाने की वजह से कई गांवों का संपर्क भी जिला और ब्लॉक मुख्यालयों से टूट गया है। ऐसे में ये सरकार और प्रशासन का दायित्व होता है कि वो लोगों तक दैनिक जरूरतों की वस्तुएं पहुंचाए, परंतु प्रशासन के सुस्त रवैए की वजह से आज भोपालपटनम के कई गांव मुख्यालय से कट से चुके हैं।

ऐसे ही सण्ड्रा इलाके के लोगों को राशन पहुंचाने में प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। उक्त क्षेत्र के ग्रामीण भोपालपटनम आकर अपने निजी वाहन से राशन ले जाने को मजबूर हैं। उक्त आरोप भाजपा युवा मोर्चा के भोपालपटनम मण्डल अध्यक्ष गिरिजा शंकर ने सरकार पर लगाए हैं।

गिरिजा शंकर तामड़ी ने कहा कि 3 दिन पहले राशन ले जाते हुवे किसान का ट्रेक्टर व ग्रामीणों का राशन नाले में बह गया है जिसकी सुध लेने शासन-प्रशासन का कोई भी नुमाईंदा अभी तक नहीं पहुंचा है। इस घटना को तीन दिन हो गये। जो सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाता है।

गिरिजा शंकर तामड़ी ने कहा है कि सरकार इस घटना को संज्ञान में लेकर तत्काल ग्रामीणों को राशन उपलब्ध करवाए।

ज्ञात हो कि भोपालपटनम सण्ड्रा इलाके में राशन ले जाते वक्त किसान का ट्रेक्टर तेज बहाव में बह गया। यह घटना रविवार की है। जहां ग्रामीणों का राशन ले जा रहे ट्रेक्टर चिल्लामारक के जल्लावागु नाले में बह • गया जिससे गांव के दर्जन भर ग्रामीणों का राशन नाले में बह गया।

मंडल अध्यक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है ने कि जो काम सरकार को करना चाहिए वह किसान कर रहे हैं। ग्रामीण अपनी सुविधा से निजी ट्रेक्टर से राशन ले जाने को मजबूर हैं यहां तक की इस दौरान उनका ट्रैक्टर बह जाने के 3 दिन बाद भी कोई शासकीय कर्मचारी सूध लेने तक नहीं पहुंचा जो काफी गम्भीर विषय है।
खाद्य विभाग की घोर लापरवाही
इससे पहले भोपालपटनम के संकनपल्ली में राशन ले जा रहे एक ट्रक के बहने की खबर आई थी और अब 3 दिन पहले किसान के ट्रेक्टर की बहने की ख़बर आ रही है जो केवल राशन लेने भोपालपटनम आया था ।
ग्रामीणों का कहना है कि क्या खाद्य विभाग को ये जानकारी नहीं है कि प्रदेश में मानसून जून के शुरआती हफ्तों में आ जाता है, क्या खाद्य विभाग बारिश से पूर्व सभी जगह पर्याप्त राशन भेजना सुनिश्चित नहीं कर सकता था। प्रत्येक गांव तक जनता को राशन पहुंचाकर देना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए खाद्य विभाग है, सरकार ने गांव गांव में राशन दुकान इसलिए ही स्थापित किए हैं ताकि लोगों को राशन लेने दूर न जाना पड़े।
खाद्य विभाग की लापरवाही इसी से झलकती है कि जानकारी होने के बाद भी कि बारिश में गांवों के नदी नाले भर जाते हैं और आवागमन दुरूह हो जाता है उसके बाद भी समय से पूर्व कोई उचित व्यवस्था नहीं कि जिसकी वजह न केवल प्रशासन का नुकसान हुआ अपितु एक किसान का ट्रेक्टर और कई लोगों का राशन नाले में बह गया।

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