बालक आश्रम के छात्रों के डाइट पर डाका डाल नन्हे छात्रों से कराया जा रहा है श्रम
भोपालपटनम (जरखांन):- शासन प्रशासन द्वारा गरीब आदिवासी बच्चों के शिक्षा अध्ययन के लिए सर्वसुविधायुक्त आश्रम छात्रावासों का संचालन कर गरीब छात्र छात्राओं को भोजन, कपड़े से लेकर सभी आयवश्यक सामग्री प्रदाय कर रही है । किंतु भोपालपटनम स्थित प्राथमिक बालक आश्रम स्थिति अलग है । अधीक्षक द्वारा बच्चों के डाइट में कमी करने के साथ साथ उनसे श्रम कराया जा रहा है ।

भोपालपटनम के प्राथमिक बालक आश्रम के अधीक्षक द्वारा बच्चों को भोजन करवाने के बाद उनसे बर्तन साफ करवाया जाता है, साथ ही बच्चों को डाइट में कटौती करते हुए प्रतिदिन दाल चांवल ही खिलाया जा रहा है । जबकि आश्रम, छात्रावास सहित मध्यान भोजन के लिए मीनू बनाया गया है, इसी मीनू के आधार पर भोजन कराया जाना होता है ।
प्राथमिक बालक आश्रम में बर्तन मांझ रहे छात्र से पियून के बारे में पूछा गया तो बच्चे ने बताया कि पियून सो रहा है और अधीक्षक घर गए हुए हैं । भोजन के बारे में बताया कि प्रतिदिन हमें दाल चांवल ही खिलाया जाता है । तेल साबुन भी नही दिया जाता, हमारे परिजन जब भी आते हैं हमें तेल साबुन दे जाते हैं । यदि तहसील मुख्यालय में स्थित आश्रम की ऐसी स्थिति है तो अंदरूनी क्षेत्रों में स्थित आश्रम छात्रावासों की स्थिति कैसी होगी । जबकि शासन द्वारा आश्रम छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है ताकि गरीब आदिवासी बच्चे पड़ लिख कर कुछ बन जाएं, इसके बाद भी शासन की योजनाओं को दर किनार कर बच्चों के अधिकारों का हनन किया जाना समझ से परे है ।
