आखिर कब तक कराया जायेगा नन्हे छात्रों से श्रम, किसी आश्रम में बच्चों से धुलाया जाता है बर्तन, तो कहीं छिलवाया जाता है आलू
भोपालपटनम (जरखांन):- जिले के भोपालपटनम तहसील में स्थित आश्रम छात्रावासों में इन दिनों छात्रों से श्रम कराए जाने का मामला सामने आने लगा है । जबकि सभी आश्रम छात्रावासों में पर्याप्त भृत्यों की पदस्थापना की गई है, इसके बावजूद पड़ने वाले नन्हे छात्रों से कार्य कराया जाना समझ से परे है ।

इसी तरह का मामला भोपालपटनम के गुल्लापेन्टा बालक आश्रम में देखने में आया । यहां बच्चे भृत्यों के साथ आलू छीलते हुए दिखे, इसके पूर्व भी बालक आश्रम भोपालपटनम में बच्चे बर्तन धोते नजर आए थे । इस सम्बंध में जब गोल्लागुड़ा बालक आश्रम के अधीक्षक से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि आलू छिल रहे दोनों छात्र मेस मंत्री हैं, उनका काम सब्जी राशन निकाल कर देना है, इसकी जानकारी भृत्यों को होने के बाद भी कैसे उनसे काम करवा रहे है । बड़ी विडंबना है एक अधीक्षक को ये नही पता होता कि उनके आश्रम के बच्चे क्या कर रहे हैं, कहां जा रहे हैं , इससे साफ प्रतीत होता है कि अधीक्षक सिर्फ और सिर्फ औपचारिकता ही निभा रहे हैं, उन्हें बच्चों की गतिविधियों से कोई वास्ता नही है । वहीं सम्बंधित अधिकारी भी अपनी आंखों में पट्टी बांधे बैठे हैं, या जानबूझ कर बच्चों से कराए जा रहे श्रम को अपनी मौन सहमति प्रदान कर रहे है ।

सुदूर अंचल के गरीब आदिवासी किसान अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से आश्रम छात्रावासों में अपने बच्चों का दाखिला करवा कर अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के प्रति निश्चिंत हो जाते हैं । गरीब माता पिता की सोच के ठीक उलट आश्रम छात्रावासों में उन्हीं गरीब बच्चों से मजदूरी कराया जा रहा है । इस तरह के कई मामले सामने आते है किंतु कार्यवाही के अभाव में ऐसे कृत्यों को और बढ़ावा मिलने लगा है, ऐसे में भोपालपटनम के शिक्षा व्यवस्था में कई सवाल खड़े होने लगे हैं । आखिर क्या ऐसी मजबूरी होती है कि इस तरह के मामले प्रकाश में आने के बाद भी ना जांच की जाती है और ना ही किसी तरह की कार्यवाही की जाती है । कुछ दिन पूर्व भी इस तरह की खबर सामने लाया गया था, किंतु अधिकारियों द्वारा कार्यवाही करने की बजाए दोषियों को बचाने का प्रयास करते नजर आए ।
