बिना दस्तावेजों के हो रहा
रेत का अवैध कारोबार,विधायक के निर्देश का भी असर नहीं

भोपालपटनम (जरखांन):- खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाए जाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और रायल्टी चोरी कर रेत माफिया हर माह शासन को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहां बात हो रही है भोपालपटनम तहसील के अंतर्गत तिमेड गांव की जहां इंद्रावती नदी से बिना लीज के रेत माफिया खनिज विभाग व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण बेखौफ होकर मशीनों द्वारा दिन रात रेत का अवैध खनन करने में लगे हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण भी कर रखा है। खनन वाली जगह से रेत को रोजाना दर्जनों टिपर ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़ी ही आसानी के साथ अवैध रूप से बनाए गए भंडारण स्थल तक लाकर डंप किया ।भंडारित रेत को किसी और लीजधारी ठेकेदार को मिली परमिट के माध्यम से तेलांगना और महाराष्ट्र धडल्ले से टिपरों से अवैध रेत परिवहन किया जा है। इस कारण जिले के अंतर्गत विकासखंड भोपालपटनम क्षेत्र मे रेत खदानों से रेत ठेकेदरों तथा माफियाओं द्वारा रेत का अवैध रूप से परिवहन कर सीमाई राज्य तेलांगना एवं महाराष्ट्र मे बेचे जाने की ख़बर के बाद बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने 23जुलाई 2022 को जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर राजस्व के भारी नुकसान की शिकायत की थी, पर अवैध रूप से किए गए रेत के भंडारण पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आश्चर्य का विषय तो यह है कि बीजापुर जिला खनिज अधिकारी व भोपालपटनम तहसीलदार को रेत के इस अवैध कारोबार की जानकारी है पर दोनों ही अधिकारियों ने इस संबंध में कोई भी कार्रवाई नहीं की है। इससे पता चलता है कि रेत माफियाओं को किस कदर संरक्षण प्राप्त है।

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