निलंबित संकुल समन्यवयक का शिक्षकों के साथ नही था तालमेल, संकुल के शिक्षकों के साथ करते थे भेद-भाव
संकुल समन्वयक की लापरवाही से दो अन्य शिक्षक भी हुए निलंबित

बीजापुर; जिला मुख्यालय से सुदूर अंचल में पदस्थ एक लापरवाह संकुल समन्वयक समेत 3 शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई है. उक्त तीनों शिक्षक आरोप मुक्त होने तक बीईओ भैरमगढ़ के दफ्तर में हाजिर रहेंगे.
शासन- प्रशासन की ओर से जारी दिशा- निर्देश तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी संकुल के शिक्षकों तक नहीं पहुंचाने और सौंपे गए दायित्व के प्रति उदासीनता बरतने के कारण बेंगलूर संकुल समन्वयक महेश कुंजाम को जिला कलेक्टर बीजापुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उल्लेखनीय है कि निलंबित सीएसी महेश का संकुल के शिक्षकों के साथ तालमेल का अभाव रहा. उक्त शिक्षक मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर कारली में रहते हैं. इस वजह से संकुल के शिक्षकों को ना तो समय पर जानकारी मिलती रही ना ही ना ही विभागीय डाक समय सीमा के भीतर कार्यालय में जमा हो पाते थे. विभागीय जानकारी देने के बावजूद सीएसी उसे कार्यालय में जमा नहीं कर कुछ दिनों बाद उसे संबंधित शिक्षक को वापस कर स्वयं भैरमगढ़ जाकर जमा करने की बात कही जाती थी. कोशलनार के अतिरिक्त प्रभार में रहने के बावजूद बेंगलूर संकुल और कोशलनार दोनों संकुल का पैसा आहरण कर मनमानी खर्च का भी आरोप है. पूर्व में पोटाकेबिन का अधीक्षक रहते इनको पद से हटाया गया था. ब्लॉक और जिला स्तर की मीटिंग में अपने संकुल की सही जानकारी नहीं देना और सौपें गए दायित्व के प्रति लापरवाही के लिए उन्हें कई बार उच्चाधिकारियों ने फटकार लगाकर सुधरने का मौका दिया. इसके बावजूद उन्होंने अपनी स्वेच्छाचारिता की आदत नहीं छोड़ी. 17 जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर 150 किलोमीटर दूर का फासला तय कर सुदूर गाँव टूंडेर पहुंचे. आकस्मिक निरीक्षण में सहायक शिक्षक गैर हाज़िर मिले. स्कूल भी बंद मिला. इसके बाद भी बेंगलूर सीएसी महेश कुंजाम जिला शिक्षा अधिकारी से मिलकर टुंडेर के बारे में वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए अपनी सफाई में कुछ नहीं कहा. भले ही डीईओ बीजापुर के निरीक्षण तिथि में टूंडेर के शिक्षक गैर हाज़िर रहे. लेकिन हकीकत यह भी है कि 11 से 14 जनवरी तक आयोजित एफ. एल. एन. प्रशिक्षण में रामा कश्यप उपस्थित थे. इस संबंध में डीईओ बीजापुर को ना तो संकुल समन्वयक महेश कुंजाम ने जानकारी देकर अपना पक्ष रखा. ना ही टुंडेर के गैर हाज़िर सहायक शिक्षक कश्यप डीईओ के समक्ष पेश हुए. जबकि निरीक्षण में प्रथम दॄष्टया लापरवाही उजागर होने पर डीईओ बीजापुर ने दोनों शिक्षकों को 18 दिन का समय दिया था. अपनी सफाई में शिक्षकों की ओर से डीईओ के समक्ष कुछ भी नहीं कहने के फलस्वरूप टूंडेर में पदस्थ सहायक शिक्षक रामाराव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. इधर सीएसी महेश कुंजाम के खिलाफ भी निलंबन की अनुशंसा करने के कारण जिला कलेक्टर बीजापुर ने सीएसी का निलंबन प्रस्ताव को मान लिया. बेंगलूर संकुल के साथ मंगलनार में पदस्थ कमल मंडावी के खिलाफ भी निलंबन की कार्यवाही की गई है. उक्त तीनों शिक्षक बहाली तक भैरमगढ़ बीईओ के दफ्तर में काम करेंगे. आदेश में कहा गया है कि नियमानुसार निलंबन अवधि में उक्त तीनों शिक्षक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
