अयोध्या धाम जैसी लगने लगी थी खनिज नगरी दल्ली राजहरा



दल्ली राजहरा। भगवान राम लला के अपने जन्म स्थान में विराजमान होने के सप्ताह भर पहले से ही लौह नगरी दल्ली राजहरा अयोध्या धाम में तब्दील हो चुकी थी। राम – रस और राम – रंग से यह पावन धरा सराबोर हो चुकी थी। प्रभु श्री रामचंद्र की भक्ति में जन जन लीन हो गया। ऐसी न्यारी छटा और धर्म प्रभावना पहली बार देखने को मिली। अयोध्या के दिव्य, भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला प्रतिमा की स्थापना को लेकर दल्लीराजहरा शहर में अभूतपूर्व उत्साह का वातावरण सप्ताह भर पहले से देखने को मिल रहा था।


राम मंदिर में रामजी की प्राण प्रतिष्ठा
22 जनवरी को दल्ली राजहरा के राम मंदिर में श्री रामचंद्र की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान उपस्थित मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, सुदेश सिह व समस्त रामभक्तों द्वारा जलाभिषेक, फूलों की माला अर्पित कर रामजी की प्राण प्रतिष्ठा की गई। राम मंदिर में मूर्ति स्थापना के बाद राम भक्तों ने रामजी की मूर्ति के दर्शन पूजन किए एवं 56 भोग लगाकर रामजी की आरती की। राम मंदिर व अन्य मंदिरों में सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। मंदिरों में आज विशेष पूजा अनुष्ठान का क्रम पूरे दिन चलता रहा।

हुई रंगोली प्रतियोगिता
राम मंदिर प्रागंण में विशेष रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागी युवतियों और महिलाओं ने मंदिर प्रांगण में आकर्षण रंगोली सजाई। रंगोली से राम सीता, अयोध्या के मंदिर, श्रीराम के आगमन के आकर्षक चित्र बनाए गए थे।

भंडारा में लोगों ने किया प्रसाद ग्रहण
राम मंदिर में मूर्ति स्थपाना के अवसर पर विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया। इसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण किया। भंडारा दोपहर से लेकर शाम तक चला। शाम होते हीश्री राम जी की संध्या आरती की गई। आरती के शंखनाद और मंदिरों की घंटियां गूंजायमान होने लगीं थीं। श्रीराम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आरती के पश्चात् 5000 दीप जलाए गए। दीपों से जय श्रीराम नाम सजाया गया। दीपकों से जय श्रीराम , ओम, 22 जनवरी, स्वास्तिक आदि चित्रण किए गए थे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर विभिन्न स्थानों में आयोजित समारोह में जोश और उत्साह के साथ लोग शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *