पार्षद ने अनुविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, नगर पालिका में भ्रष्टाचार और पार्षदों को गुमराह करने का लगाया आरोप

बीजापुर :- भ्रष्टाचार और पार्षदों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पार्षद ने मंगलवार के अनुविभागीय अधिकारी को 7 सूत्री मांग व समस्याओं के निराकरण को लेकर ज्ञापन दिया।
जिला मुख्यालय के नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार होने व पार्षदों को विभाग की जानकारी नहीं देने के साथ साथ परिषद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पार्षद नंद किशोर राणा ने शनिवार को एकदिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन नगर पालिका परिषद में किया।

पार्षद नंदकिशोर राणा ने बताया कि नगर पालिका में पार्षद होने के बाद भी विभाग की जानकारी मांगने पर अधिकारी ने जानकारी नहीं दिया इसीलिए पार्षद नंदकिशोर राणा ने जानकारी लेने के लिए स्वयं के नगर पालिका में जन सूचना के अधिकार के तहत जनकारी लिया जिसमे भ्रष्टाचार व फर्जी वाड़ा होने का संकेत साफ साफ नजर आने लगा जिसके बाद पार्षद नंद किशोर राना ने शनिवार के नगर पालिका परिषद के अंदर एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया उस दौरान विभाग के अधिकारी व कर्मचारीयो ने पार्षद की धरना प्रदर्शन को देखते रहे पर कोई भी पार्षद की समस्याओं को न सुना न ही कोई मिलने आया दिन भर पार्षद को धरना प्रदर्शन पर बैठना पड़ा। इसी समस्या को लेकर मंगलवार के पार्षद नंद किशोर राना ने अनु विभागीय अधिकारी के पास जाकर नगर पालिका की समस्याओं को बताया साथ ही समस्यायों का निराकरण करनी की मांग करते हुए सात सूत्रीय बिंदु पर जांच करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी देवेंद्र कुमार ध्रुव को ज्ञापन भी सौंपा।
जिसमे
1) यह है कि परिषद के प्रस्ताव पंजी, पी0आई0सी0 की पंजी व विभागीय शाखा का पंजी पाषर्दों को नहीं दिखाया जाता व किसी भी विभाग की जानकारी भी नहीं दी जाती है।
2) यह है कि परिषद की प्रस्तावा पंजी में पेज क्रमांक को पन्ने छोड़-छोड़कर प्रस्ताव पारित किया जाता है।
3) यह है कि प्रत्येक प्रस्तावा पारित होने के बाद पन्ने छोड़-छोड़कर अगले पन्ने में प्रस्तावा लिखा जाता है जो कि नियम का उलंघन है।
4) यह है कि परिषद बैठक में परिषद का प्रस्ताव पंजी पाषर्दों के सामने न लिखकर गोपनीय रूप से लिखा जाता है। परिषद के प्रस्ताव पंजी में हस्ताक्षर भी नहीं कराया जाता अलग से उपस्थिति पंजी में कराया जाता है।
5) यह है कि परिषद का बैठक पंजी व पी0आई0सी0 बैठक पंजी में जो प्रस्ताव पारित कराया जाता है वह प्रस्तावित एजेंडा में नहीं रहता है जिससे पाषर्दों को भ्रम में रख प्रस्ताव पारित किया जा सकता है।
6) यह है कि श्री काशीनाथ मानिकपुरी सहायक ग्रेड-03 में रहते हुए बैठक के मिनिट्स लिखते थे जिसमें उन्होने बैठक पंजी में स्वयं को सीनियर मानते हुए लेखापाल में पदोन्नति हेतु प्रस्ताव लिखा जबकि सहायक ग्रेड-03 का सीनियर श्री भुनेष्वर मांझी हैं जिसे पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए ।
7) यह है कि नगर पालिका कायार्लय में सहायक ग्रेड-03 के क्रमर्चारी उपस्थित होने के बाद भी दैनिक वेतन मजदूर को लेखापाल व चेक जारी करने का प्रभारी बनाया गया था जो फजीर्वाड़ा में लिप्त होना नजर आता है जिसकी जाँच किया जाए।

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