हाईब्रीड बीज वितरण में हुए करोड़ो के फर्जीवाड़े के खिलाफ सहायक प्रबंधक ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से लिखित शिकायत कर किया जांच की मांग

छोटे कापसी(राजदीप शर्मा):- बड़े कापसी लैम्पस प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ के खिलाफ हाई ब्रीड बीज वितरण मामले में फर्जी बिल के माध्यम से करोड़ो रूपये की हेरा फेरी का मामला थमने का नाम ही नही ले रहा है । सहायक प्रबंधक सुकंठ राय ने इस फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश करने का बीड़ा उठा लिया है। लगातार सुकंठ राय द्वारा इस गड़बड़ी को लेकर सम्बंधित विभाग को सचेत करने का प्रयास कर किया जा रहा है, मगर सम्बंधित विभाग के अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंग रहा है । शिकायत कर्ता सुकंठ राय ने अब इस हाई ब्रीड बीज वितरण मामले को लेकर कलेक्टर कांकेर को लिखित शिकायत कर जांच करने की मांग किया है ।

शिकायत कर्ता सुकंठ राय ने बताया कि प्रभारी प्रबंधक बड़े कापसी पार्थ देवनाथ अपने निजी दुकान(देवनाथ कृषि केंद्र) से करोड़ो रूपये के हाई ब्रीड बीज का वितरण कर फर्जी तरीके से ब्याज अनुदान की राशि जोड़कर शासन को भेजा जाता था, जो शासन से ना लेकर कृषकों से लिया जाना होता है । इसके बावजूद प्रभारी प्रबंधक रायपुर पंजीयक के आदेशों का खुले आम उल्लंघन करते समिति और शासन को करोड़ो रूपये का नुकसान पहुंचाया गया है ।

शिकायत कर्ता सुकंठ राय ने आगे बताया कि जिला सहकारी बैंक मैनेजर नरेंद्र कुमार शर्मा, उप पंजीयक कांकेर, सीईओ सहकारी बैंक बस्तर संभाग रवीश आमिर खान से लेकर संयुक्त पंजीयक बस्तर ने माना है कि प्रभारी प्रबंधक पार्थ देवनाथ के द्वारा हाई ब्रीड बीज निजी दुकान से बेचा गया है और ब्याज की राशि किसानों से ना लेकर शासन से लिया गया है, जो सरासर गतल और फर्जी है । इसके बावजूद करोड़ो की फर्जीवाड़ा करने वाले प्रभारी प्रबंधक पर कार्यवाही करने की बजाय भ्रस्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, इस कारण अब तक प्रभारी प्रबंधक के पद से हटाया नही गया है, और ना ही जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है । वही सुकंठ राय कहते है जब इतनी बड़ी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है उसके बाद भी आर्डिटर द्वारा कैसे आडिट किया गया समझ से परे है, या हो सकता है किसी तरह के बड़े प्रलोभन या फायदा की वजह से आडिट सम्भव हो पाया हो । पूर्व में ऑडिटर ने इस लैम्पस का आर्डिट करने से स्पष्ट मना कर दिया था और हाई ब्रीड बीज का बिल हटाने के बाद ही आर्डिट करने की बात कह गया था, हाई ब्रीड का बिल हटाने के बाद ही आर्डिटर द्वारा आर्डिट किया गया था ।

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