मनरेगा कर्मियो का 3 दिवसीय ध्यानाकर्षण हड़ताल

बीजापुर :- छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद योजनाओ के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाने वाले मनरेगा कर्मचारियों की स्थिति दिन_ब_दिन दयनीय होती गई। केंद्र शासन की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में प्रदेश में 3 माह मे हजारो आवास पूर्ण करने के बाद भी इनकी सुध लेने वाला कोई नही हैं। प्रदेश में मनरेगा योजना अंतर्गत 10 वर्ष से अधिक सेवा अवधि पूर्ण कर चुके कर्मचारियों की बड़ी संख्या है। वर्षों सेवा देने के बाद भी इन कर्मचारियों के लिए मानव संसाधन निधि नहीं बन पाई या यूं कहें पार्टियों के चुनावी वादे विपक्ष में रहते इनके मंचों तक ही सीमित रह गई। आलम तो यह है कि इन कर्मचारियों को विगत चार माह से वेतन भी नहीं दिया गया है। जिससे क्षुब्ध और पीड़ित कर्मचारी 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से अपनी पीड़ा सरकार को अवगत कराएंगे। 26 एवं 27 मार्च को जिले में कर्मचारी हड़ताल में रहेंगे, एवं 27 मार्च को सभी जिलों मे रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन देंगे, वही 28 मार्च को राज्यस्तरीय हड़ताल में शामिल होकर रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नाम से ज्ञापन सौंपेंगे।
छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सिंह क्षत्री ने बताया कि हड़ताल के लिए जनपद जिलों में ज्ञापन सौंपा जा चुका है। बीते एक साल में मनरेगा कर्मचारी मानव संसाधन लागू कराने संघर्ष करते रहे। कमेटी भी बनी जिसे 15 दिवस में रिपोर्ट सौंपना था, किंतु प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्णय नहीं हुआ। इसके विपरीत मनरेगा के कार्यो के अलावा कर्मचारियो पर पी एम आवास, पी एम जनमन, स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य विभागो के भी कार्य लिए जा रहे है।
मनरेगा महासंघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के शासन स्तर से तय सभी लक्ष्यो को मनरेगा कर्मचारियो ने अपना पसीना बहाकर दिन रात कड़ी मेहनत कर पूरा किया है। इन्हें विगत चार माह से वेतन भी नहीं दिया गया। 26 मार्च से प्रदेश भर के 12 हजार मनरेगा कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। साथ ही प्रदेश स्तर पर 28 मार्च को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नाम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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