लाल सलाम नहीं, गूंजेंगे भारत माता के जयकारे; ढाई दर्जन गांवों में आजादी के बाद पहली बार लहरएगा तिरंगा
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। जिन गांवों में कुछ माह पहले तक लाल सलाम, लाल झंडे और माओवादी विचाधारा के जलवे देखने को मिलते थे, उन गांवों में अब लाल सलाम की जगह भारत माता के जयकारे गूंजेंगे, लाल झंडे की जगह हमारा प्यारा तिरंगा शान से लहराता नजर आएगा और माओवादी विचारधारा की जगह देशभक्ति की भावना हिलोरें मारती नजर आएंगी। आजादी के बाद पहली बाद पहली बार इन ढाई दर्जन गांवों में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा।
बदलाव की यह बयार बहने लगी है छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में। बस्तर संभाग नक्सल समस्या के कारण चर्चित रहा है। इस माओवादी संकट ने पूरे संभाग को समस्याओं और संकटों का घर बनाकर रख दिया था। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार सरकार आने के बाद से नक्सल समस्या का तेजी से खात्मा हो रहा है और राज्य में विष्णु देव साय की सरकार आने, विजय शर्मा के गृहमंत्री तथा बस्तर के युवा आदिवासी नेता एवं नारायणपुर के विधायक केदार कश्यप के केबिनेट मंत्री बनने के बाद एंटी नक्सल ऑपरेशन को और धार मिली। वर्तमान में स्थिति यह है कि नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। धुर नक्सल प्रभावित गांवों तक भी प्रशासन और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो गई है। ऐसे गांवों में भी सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा, मोबइल नेटवर्क की पहुंच हो गई है। पहले इन गांवों में नक्सलियों के लाल सलाम, लाल झंडे का बोल बाला था। भारत का हिस्सा होने के बावजूद इन गांवों के लोग स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व भी नहीं मना पाते थे, राष्ट्र ध्वज फहराना तो दूर की बात। मगर जबसे इन गांवों में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित हुए हैं, वहां स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। इस साल 15 अगस्त को इन गांवों में भी आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित 29 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इन इलाकों में हाल ही में सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित किए गए हैं और इन्हीं कैंपों में ध्वजारोहण किया जाएगा।
इन गांवों में लहराएगा तिरंगा
ध्वजारोहण के लिए चिह्नित किए गए कुछ गांव इस प्रकार हैं- सुकमा जिले के रायगुडेम, तुमालपाड़, गोलाकुंडा, गोंमगुड़ा, मेट्टागुड़ा, उसकावाया एवं मुलकातोंग। बीजापुर जिले के कोंडापल्ली, जीडापल्ली, वातेबागू, कर्रेगुट्टा, पीडिया, गूंजेपर्ती, पुजारी कांकेर, भीमारम, कोरचोली, कोटपल्ली गांवों में पहली बार तिरंगा लहराएगा। इन जगहों पर ध्वजारोहण के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि यह ऐतिहासिक पल गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जा सके।
