ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पशुपालन विभाग की पहल

जगदलपुर:- बस्तर कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव के अंतर्गत आज से बस्तर जिले में पशु चिकित्सा सेवाओं द्वारा 30 दिवसीय पशु मैत्री प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस प्रशिक्षण का उद्घाटन जगदलपुर महाविद्यालय सभाकक्ष में महापौर संजय पांडे ने किया।
मुख्य अतिथि संजय पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ऐसे प्रशिक्षण युवाओं को न केवल रोजगार से जोड़ेंगे बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होंगे। यह प्रशिक्षण 18 अगस्त से 16 सितम्बर 2025 तक चलेगा। इसमें बस्तर जिले के सात विकासखण्डों से चयनित 30 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण विभिन्न पशु चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र एवं किट प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा अवसर यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित हो रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, भैंस व सूअर पालन जैसी गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध हो और वे अपने क्षेत्र में पशुपालन को आजीविका का मजबूत साधन बना सकें।

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. डीजी नेताम संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ, जगदलपुर ने कहा कि प्रशिक्षित पशु मैत्री ग्रामीण स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करेंगे जिससे किसानों और पशुपालकों को समय पर उपचार व परामर्श उपलब्ध हो सकेगा।

इस अवसर पर डॉ. राजेश सुधाकर वाकोडे, सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रविणा टाटी, डॉ. नवीन साहू, आलोक भार्गव सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन आलोक भार्गव, सहायक संचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ ने किया।

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