वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले 10 लोग भेजे गए जेल
जगदलपुर। बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पीपलावंड के संरक्षित जंगल- 1089 की 125 एकड़ जमीन पर कब्जा करने वाले सभी 10 लोगों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
वन विभाग ने वन भूमि को कब्जा मुक्त कराकर आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्रकरण तैयार किया था। आरोपियों जिला सत्र न्यायालय में पेश किया गया जिसमें 10 सितंबर को सुनवाई के बाद उन्हें रिमांड में केंद्रीय जेल दाखिला कराया गया। यह एक सीख है कि कोई भी अतिक्रमण करेगा या शासकीय संपत्ति का नुकसान करेगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा सभी अतिक्रमण कारियों को बार-बार समझाइश देने के बाद भी वह नहीं माने। जिसके कारण अब वे अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। वर्तमान परिवेश में पर्यावरण की गंभीरता को देखते हुए लोगों को स्वयं सोचना होगा कि हम जलवायु परिवर्तन का सामना कैसे करेंगे और हमारी आने वाली पीढ़ी भी कैसे करेगी? यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम कुछ भी नहीं बचा पाएंगे। पिपलावंड के सरपंच केशव, उपसरपंच पंचों एवं अन्य ग्रामवासियों ने लिखित आवेदन प्रस्तुत कर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके अलावा उन्हें ग्रामसभा बैठकों में भी कई बार समझाइश दी गई थी, लेकिन वे कब्जे हटाने को तैयार नहीं थे। जिसके कारण 12 एवं 13 अगस्त को वन विभाग की टीम ने इस 125 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त कराकर वहां जेसीबी की सहायता से वाटर पिट का निर्माण कराया। अवैध कब्जाधारियों द्वारा की गई तार फेंसिंग को जप्त किया गया था। इस कार्रवाई को मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा सर के निर्देशन एवं वन मंडल अधिकारी उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन में उप वन मंडल अधिकारी आईपी बंजारें के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र अधिकारी भानपुरी डॉ. प्रीतेश कुमार पाण्डेय वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड सौरव रजक एवं डिप्टी रेंजर ओमप्रकाश, डोमू राम नेताम, बुदरु राम कश्यप, जयदेव मौर्य, परिसर रक्षक अरुण नाग, हेमंत मोर्य, योगेश रामटेक, छेंदउ राम, नृपेंद्र गौतम, धरम ठाकुर, बस्तर वन परिक्षेत्र से सूरज कश्यप, सगराम बघेल, सुभाष, करपावंड रेंज के कमलोचन बघेल एवं विष्णु कश्यप ने अंजाम दिया।
