साढ़े तीन करोड़ का अनाज गायब कर दिया पीडीएस दुकानदारों ने!
–अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर जिले 7 विकासखंडों में 3 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक कीमत के 6565 क्विंटल चावल, शक्कर, नमक, चना, गुड़ गायब कर दिए गए हैं। पीडीएस की 87 दुकानों में खाद्यान्न की कालाबाजारी का खुलासा भौतिक जांच में हुआ है। अब राशन दुकान संचालक अपनी खाल बचाने के लिए बाजारों से चावल एवं अन्य खाद्यान्न की खरीदी कर इसकी भरपाई करने में जुट गए हैं। एसडीएम द्वारा दुकान से चालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर वसूली की कार्रवाई किए जाने का मामला प्रक्रियाधीन है।
वर्ष 2024 में 37 हजार 273 क्विंटल चावल और अन्य खाद्यन्नों की कालाबाजारी का खुलासा हुआ था। कलेक्ट्रेट की खाद्यान्न शाखा से मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में संचालित 485 राशन दुकानों का भौतिक सत्यापन कराए जाने पर 84 दुकानों में खाद्यान्न कम पाया गया था। इनमें जगदलपुर विकासखंड की 27, बस्तर की 18, बकावंड की 13, बास्तानार की 3, दरभा की 3, तोकापाल 3 और लोहंडीगुड़ा ब्लॉक की 20 दुकानें शामिल हैं। इन 87 दुकानों में 6565 क्विंटल चावल का शॉर्टेज पाया गया था। इसी प्रकार शक्कर 77 क्विंटल, नमक 126 क्विंटल, चना 155 क्विंटल, गुड़ 20 क्विंटल शॉर्टेज का खुलासा हुआ था। निर्धारित शासकीय मूल्य के आधार पर ही लगभग 3 करोड़ 55 लाख से अधिक का अनाज गायब कर दिया गया, जबकि बाजार मूल्य इससे लगभग चार गुना ज्यादा हो सकता है। इन राशन दुकानों में 31 मार्च 2025 के सत्यापन में कालाबाजारी का खुलासा किया गया है। शहरी क्षेत्र की 13 दुकानों में भी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है जबकि इन दुकानों से कुछ ही दूरी पर विभाग का दफ्तर है। विभाग की नाक के नीचे कालाबाजारी का खेल होना विभाग की सांठगांठ की ओर इशारा करता है।
गेंद अब एसडीएम के पाले में
राशन दुकानों के भौतिक सत्यापन से हुए खुलासे के बाद अब आगे की कार्रवाई सभी एसडीएम के हवाले है। खाद्य विभाग के अधिकारी यह कहकर बच रहे हैं कि हमने रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। आगे की कार्रवाई एसडीएम द्वारा की जाएगी। खबर है कि खाद्य निरीक्षक और सेल्समैन की सांठगांठ से जिले में चावल की कालाबाजारी जोरों पर चल रही है। पीडीएस का चावल बाजारों में खरीदी-बिक्री देखी जा सकती है, जबकि इसकी जानकारी खाद्य विभाग को भी है। लेकिन कमीशन के खेल में विभाग ने आंखों में पट्टी बांध रखी है।
फूड ऑफिसर ने की पुष्टि
जिला खाद्य अधिकारी श्री ठाकुर ने बताया कि सभी राशन दुकानों का भौतिक सत्यापन कराया गया था। सत्यापन के दौरान जिले की 87 दुकानों में खाद्यान्न शॉर्टेज पाया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए राशन दुकान संचालकों को एसडीएम के माध्यम से नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया की जा रही है।
