मुठभेड़ में मारे गए 7 लाख रूपये के ईनामी दो नक्सली

जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सलियों के खात्मे का सिलसिला लगातार जारी है।आज फिर सुरक्षा बलों ने संभाग के बीजापुर जिले मे दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में मारे गए दोनों नक्सली ग्राम मनकेली के एक और पेद्दाकोरमा के तीन ग्रामीणों एवं तोड़का के एक शिक्षादूत की निर्मम हत्या की घटना में शामिल थे।
बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में मनकेली के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मुठभेड़ मे दो नक्सली मार गिराए गए। मुठभेड़ स्थल से एक नग .303 रायफल, एक नग बीजीएल लांचर सहित विस्फोटक सामग्री एवं नक्सल संगठन संबंधी अन्य सामान भी बरामद किए गए। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में माओवादी कैडर की गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी, एसटीएफ एवं कोबरा 202 व 205 की टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान दोपहर लगभग 3 बजे मनकेली के जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ पश्चात घटना स्थल की सर्चिंग के दौरान दो नक्सलियों के शव के साथ एक .303 रायफल, एक नग बीजीएल लांचर, विस्फोटक सामग्री एवं नक्सल सामान बरामद किए गए। प्रारंभिक तौर पर मृत नक्सलियों की पहचान रघु हपका उम्र 33 वर्ष निवासी पेद्दाकोरमा थाना बीजापुर एसीएम गंगालूर एरिया मिलिट्री कमांड सदस्य, ईनाम 5 लाख रूपए और सुक्कू हेमला 32 वर्ष निवासी बोड़ला पुसनार थाना बीजापुर पार्टी सदस्य, पेद्दाकोरमा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर, ईनामी 2 लाख रूपये के रूप मे हुई है। मुठभेड़ में मारे गए दोनों माओवादी थाना बीजापुर क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 17 जून को ग्राम पेद्दाकोरमा में एक छात्र सहित 3 ग्रामीणों की निर्मम हत्या करने, 29 अगस्त को ग्राम मनकेली में एक ग्रामीण और 30 अगस्त को थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत तोड़का निवासी शिक्षादूत कल्लू ताती की हत्या करने की घटना में शामिल थे।

अब एक ही रास्ता: आईजी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा है कि बस्तर क्षेत्र में तैनात पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आईजी ने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, निर्दोष नागरिकों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाना बंद करें। अब उनके सामने केवल एक ही रास्ता बचा है कि सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा से जुड़ना और सम्मानजनक जीवन जीना।

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