नक्सल गढ़ में जवानों के बूटों की धमक, विकास की चमक

अर्जुन झा-
जगदलपुर। बस्तर संभाग के बीहड़ और धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के जवानों के बूटों की धमक गूंजने लगी है और विकास की चमक दिखाई देने लगी है। नक्सलियों की मांद में घुसकर सुरक्षा बलों के जवान अपनी पैठ मजबूत करते जा रहे हैं। नक्सल प्रभुत्व वाले इलाकों में लगातार सुरक्षा एवं सुविधा कैंप खोले जा रहे हैं।
संभाग के बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती ग्राम पेद्दाकोरमा में भी नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप की स्थापना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्ला नार योजना के तहत ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने हेतु की गई है। प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौतियों, विपरीत मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इन सुरक्षा कैंपों की स्थापना सफलतापूर्वक की है। यह कदम न केवल जन सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र के विकास का आधार भी बनेगा। कैंप स्थापना से बीजापुर, पदेड़ा, पालनार, पेददाकोरमा, मुनगा एवं आसपास के ग्रामों को सड़क मार्ग एवं अन्य सुविधाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।

सुरक्षा और विकास का संगम
सुरक्षा कैंप की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें, मोबाइल नेटवर्क, सड़क और पुल-पुलिया जैसी सुविधाएं सुलभ होंगी। इससे नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण भी संभव होगा। वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 37 सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप 496 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 195 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं तथा 918 माओवादियों की गिरफ्तारी हुई है। यह नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी रणनीतिक सफलता है।

प्रशासनिक नेतृत्व और सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने में बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी., सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ सेक्टर के आईजी श्री शालिन, दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी पुलिस कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ के डीआईजी बीएस नेगी, बीजापुर के एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, सीआरपीएफ 222वीं बटालियन के कमांडेंट विजेंद्र सिंह, 168वीं बटालियन के कमांडेंट आरएस जंगीर, 85वीं बटालियन के कमांडेंट सुनील कुमार राही, कोबरा 202 बटालियन के कमांडेंट अमित कुमार, ए एसपी ऑप्स द्वय अमन कुमार झा व रवींद्र कुमार मीणा, सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह, डीआरजी के डीएसपी विनीत कुमार साहू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण जवानों को सतत रूप से मिल रहा है।

ग्रामीणों में है उत्साह
सुरक्षा कैंप और जन सुविधा केंद्र की स्थापना से स्थानीय नागरिकों में उत्साह का माहौल है। यह पहल उनके जीवन में शांति, स्थायित्व और क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगा। गांव में ही ग्रामीणों को चिकित्सा सहित अन्य जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में अब तक जिले में कुल 37 सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं। नियद नेल्ला नार योजना के तहत इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल टावर, आंगनबाड़ी और अन्य जन सुविधाओं का बड़ी तेजी से विस्तार हुआ है।

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