स्वदेशी महक से सुरभित हो उठा बस्तर; मेयर संजय पाण्डेय ने मोदी के सपने को किया साकार

अर्जुन झा-
*जगदलपुर।* एक दौर था, जब लोग कपड़े, शिल्प कृतियों, इत्र फुलेल या किसी भी इम्पोर्टेड वस्तु पर बहुत गर्व करते थे, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बड़े शान से बताते थे कि देखो हमने यह चीज कनाडा से मंगाई है, यह चीज रूस से मंगाई है, यह चीज अमेरिका से मगाई है, यह इत्र अरब कंट्री में मंगाई है। अब बयार उल्टी बहने लगी है, लोग स्वदेशी वस्तुओं पर गर्व करने लगे हैं। लोगों की मानसिकता में यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत वाली सोच के चलते आया है। लोग स्थानीय उत्पादों को बड़े शान के साथ अपनाने लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के सपने को बस्तर में साकार करने का बड़ा काम जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय ने किया है।जगदलपुर ने चल रहे स्वदेशी मेले के आयोजन में महापौर संजय पाण्डेय की महति भूमिका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी यहां स्वदेशी मेले में प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए रखी गई बस्तरिहा शिल्पों और वनोपज से निर्मित खाद्य पदार्थों तथा अन्य वस्तुओं के कायल होकर लौटे हैं।
जगदलपुर के लालबाग मैदान पर आयोजित स्वदेशी मेला आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत का रोल मॉडल बनकर उभरा है। यहां बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित खाद्य पदार्थों एवं विभिन्न उत्पादों, स्थानीय शिल्पियों द्वारा निर्मित काष्ठ, बेल मेटल, बांस शिल्पों की विक्रय सह प्रदर्शनी लगाई गई है। ये स्वदेशी वस्तुएं स्थानीय नागरिकों और बस्तर दशहरा में शामिल होने आए विदेशी सैलानियों को खूब पसंद आ रही हैं। लोग इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं। बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी स्वदेशी मेले में पहुंचे। स्टालों में आला दर्जे के और मनभावन बस्तरिहा उत्पादों को देख अमित शाह आश्चर्यचकित रह गए। अमित शाह ने स्व सहायता समूहों के हौसले और महापौर संजय पाण्डेय के प्रयासों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा नक्सली हिंसा की दशकों की त्रासदी से बाहर निकलकर अपनी संस्कृति को सहेजते नए बस्तर की आकांक्षाओं का प्रतीक है।श्री शाह ने मंच से बस्तरवासियों से संवाद करते हुए कहा कि अब बस्तर बदल रहा है। यहां का हर गांव और हर घर विकास की नई रोशनी से जगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बस्तर इसका मजबूत स्तंभ बनेगा।

शिल्पों को देख हुए मंत्रमुग्ध
स्वदेशी मेले में लगे स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अमित शाह ने स्थानीय शिल्पियों की हस्तकला, शिल्प और अनूठे स्वदेशी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में बस्तर की मिट्टी की खुशबू आ रही है और यहां के लोगों का परिश्रम झलक रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर सराहना करते हुए लिखा कि बस्तर मेले में स्थानीय कलाकारों की अद्भुत हस्तकला, शिल्प और स्वदेशी उत्पाद देखकर मन आनंद से भर गया।

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर बहुत जल्द लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर की नई पीढ़ी बंदूक नहीं, कलम और कला से अपनी पहचान बनाए। जिसमें स्वदेशी मेला भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्वदेशी मेले में त्रिसंगम
जगदलपुर में चल रहा स्वदेशी मेला संस्कृति, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का त्रिसंगम साबित हुआ है। इस मेले में करीब 300 स्टॉल लगे हैं, जिनमें देश के 20 राज्यों से आए कारीगरों, उद्यमियों और कलाकारों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। बस्तर के काष्ठ और धातु शिल्प से लेकर आदिवासी आभूषण, कपड़े और जैविक उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। जहां एक ओर हस्तनिर्मित वस्तुएं, पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित हैं, वहीं हर शाम लोकनृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेला क्षेत्र जीवंत हो उठता है।

अब कलम और कारीगरी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि आने वाले वर्षों में बस्तर भारत के विकास मॉडल का उदाहरण बनेगा। उन्होंने कहा कि यहां का युवा बंदूक नहीं, अब कलम और कारीगरी से अपनी पहचान बनाएगा। यह मेला उसी आत्मविश्वास का प्रतीक है।

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