अटके फंड; ग्राम पंचायतें हो गईं कंगाल, सारे काम ठप

अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की सभी ग्राम पंचायतें लंबे समय से कंगाली के दौर से गुजर रही हैं। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहीं ग्राम पंचायतें गांवों में कोई भी कार्य नहीं करा पा रही हैं। मूलभूत जरूरी सुविधाएं बाधित हो गईं हैं। सरपंच और सारे पंचायत प्रतिनिधि असहाय से हो गए हैं।
बकावंड ब्लॉक की 35 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने जिला मुख्यालय जगदलपुर पहुंचकर अपर कलेक्टर बस्तर को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरपंचों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि पिछले आठ महीनों से पंचायतों को 15वें वित्त आयोग, डीएमएफटी तथा नल-जल योजना के अंतर्गत स्वीकृत फंड प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसके कारण ग्रामीण विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और ग्राम स्तर पर मूलभूत सेवाएं बाधित हो गई हैं। ब्लॉक सरपंच संघ के उपाध्यक्ष गोपाल कश्यप और सचिव संतोष कुमार कश्यप ने बताया कि फंड न मिलने के कारण पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्य, पेयजल व्यवस्था, सड़क मरम्मत, स्वच्छता अभियान और शैक्षणिक संस्थानों के जरूरी मरम्मत कार्य भी ठप हो गए हैं। गोपाल बघेल और संतोष कश्यप ने कहा कि पिछले कई महीनों से पंचायतें बिना फंड के काम कर रही हैं, ग्राम सभाओं में स्वीकृत प्रस्ताव केवल कागजों सीमित रह गए हैं। ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे जनता में असंतोष और निराशा बढ़ रही है।सरपंच संघ ने यह भी बताया कि अनेक पंचायतों में नल-जल योजना के अंतर्गत लगाए गए हैंडपंप और टंकियां मरम्मत के अभाव में खराब हो चुकी हैं। कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के अधूरे कार्य लंबे समय से रुके पड़े हैं। सरपंचों का कहना है कि 15वें वित्त आयोग का फंड पंचायतों के लिए जीवनरेखा की तरह है। इससे ही पंचायतें अपने नियमित प्रशासनिक कार्य, सफाई व्यवस्था, पेयजल रखरखाव, रोशनी व्यवस्था, स्कूली बच्चों के लिए सुविधा और गांव की छोटी योजनाओं को पूरा कर पाती हैं। लेकिन आठ महीने से राशि न आने के कारण ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति संकट में है। सरपंचों ने इस मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से भी मुलाकात की और उनसे तत्काल फंड जारी करने का अनुरोध किया। सरपंच संघ ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से यह भी आग्रह किया कि लंबित फंड जारी करने के साथ साथ विभागीय समन्वय के माध्यम से नियमित फंड प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंचों ने कहा कि वे ग्राम विकास कार्यों को लेकर प्रतिबद्ध हैं, परंतु बिना वित्तीय संसाधनों के योजनाओं का क्रियान्वयन संभव नहीं है। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष रिमाधर बघेल, उपाध्यक्ष गोपाल कश्यप, सचिव संतोष कश्यप, कोषाध्यक्ष धनपति नाग, महामंत्री चक्रधर कश्यप, रामेया कश्यप, मीडिया प्रभारी मधुसूदन नेताम, नीलम कश्यप, संतोष सहित अन्य सरपंच उपस्थित थे।सरपंच संघ ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन उनकी समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर ग्राम विकास को पुनः गति प्रदान करेगा, ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएँ निर्बाध रूप से प्राप्त हो सकें।

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