ग्रामीणों ने की रेंगावाही धान खरीदी केंद्र को यथावत रखने की मांग
राजदीप शर्मा
छोटे कापसी। किसानों ने रेंगावाही धान खरीदी केंद्र को यथावत’ रखने की मांग की है। किसानों ने अपनी ज्वलंतसील समस्या को लेकर तीन ग्रापं आकमेटा,रेंगवाही,ताड़वेयली के किसान छोटेबेठिया लैम्पस के सामने एकत्रित हो कर अन्तागढ़ (स्थानीय) विधायक विक्रम देव उसेंडी,कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग और भाजपा बांदे मंडल एवं जिपं सदस्य सुनीता मंडल एवं जिला कलेक्टर,जिला खाद्य अधिकारी के नाम आवेदन भेजते हुए केंद्र को यथावत रखने की मांग की है। किसान श्याम लाल,लोकेश नेताम,किशोर उसेंडी,मनोज राम,श्यामा बाई,विटे बाई का कहना है कि किसानों की समस्या को देखते हुए शासन प्रशासन के द्वारा वर्ष 2014-15 में रेंगावाही में धान खरीदी केंद्र खोला गया था,क्योकि पहले खरीदी केंद्र दूर होने की वजह से उन्हें पहले धान (उपज) बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब शासन के निर्देश पर रेंगावाही धान खरीदी केंद्र को बंद किया जा रहा है। रेंगावाही के किसानों को अब छोटेबेठियां धान खरीदी केंद्र से जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अधिक परेशान हैं। किसानों ने बताया कि छोटेबेठियां धान खरीदी केंद्र में पहले से ही लगभग लाखों क्विंटल के आसपास की खरीदी होती है।.जिसके चलते समय अवधि के अंदर इस केंद्र के किसान भी अपना धान नहीं बेच पाते हैं और अक्सर समर्थन मूल्य पर धान बेचने से वंचित रह जाते हैं। अगर रेंगावाही केंद्र को बंद कर छोटेबेठियां में मर्च किया,तो रेंगावाही केंद्र अंतर्गत आने वाले तीन ग्रापं के लगभग 1290 किसानों को अपना धान बेचने में आर्थिक नुकसान के साथ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। या सीधे सीघे ये कहे कि धान नही बेच पाएंगे। क्योकि अति संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण पर्याप्त संसाधनों की कमी है।
किसानों ने शासन प्रशासन से अपील की है किं वे किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय को तत्काल निरस्त करते हुए रेंगावहीँ केंद्र को यथावत रखने की मांग की है। किसानों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। आंदोलन की जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
