बस्तर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, हजारों लोगों ने घेरा कलेक्ट्रेट
जगदलपुर। बस्तर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा विशाल प्रदर्शन किया गया। बस्तर विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के नेतृत्व में हजारों ग्रामीणों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह आंदोलन बस्तर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत करपावंड ब्लॉक के अंतिम ग्राम पंचायत चारगांव से 30 मार्च को प्रारंभ हुई 100 किलोमीटर लंबी न्याय पदयात्रा का हिस्सा था। पदयात्रा तीसरे दिन 1 अप्रैल को जगदलपुर पहुंची। पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।ज्ञापन में जल जीवन मिशन के तहत अधूरी पड़ी योजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया है कि पेयजल की भारी समस्या बनी हुई है तथा स्वीकृत कार्यों का भुगतान नहीं होने से निर्माण कार्य ठप पड़े हैं।इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत पात्र ग्रामीणों को वनाधिकार पत्र नहीं मिलने और पहले से दिए गए पट्टों को निरस्त किए जाने की शिकायत भी की गई है। इससे ग्रामीणों के सामने विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो गया है। किसानों की समस्याओं को भी गंभीरता से उठाया गया है। धान खरीदी में अनियमितता, टोकन वितरण में देरी और समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ज्ञापन में बस्तर में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग भी रखी गई, ताकि आम लोगों को न्याय पाने में हो रही कठिनाइयों को दूर किया जा सके। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और लंबित भर्तियों को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस अवसर पर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि ज्ञापन में जनता की मूलभूत समस्याओं को विस्तार से रखा गया है और सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, राजमन बेंजाम, चंदन कश्यप सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, आदिवासी कांग्रेस, किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस एवं हजारों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
