जहां बहाया जाता था खून, उस धरती से निकल रहे हैं जान बचाने वाले डॉक्टर



-अर्जुन झा-
जगदलपुर बस्तर संभाग की जिस धरती पर नक्सली निरीह आदिवासियों का खून बहाया करते थे, उसी धरती से अब जान बचाने वाले डॉक्टर और देश के निर्माण की बुनियाद मजबूत करने वाले इंजीनियर तथा प्रशासनिक अधिकारी निकल रहे हैं। संभाग के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र के लेगड़ीबाई गांव के युवा चंद्रेश पात्र ने कठिन परिस्थितियों और आर्थिक अभावों के बावजूद एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर पूरे बस्तर को गौरवान्वित किया है। दो बड़े हादसों और गरीबी जैसी चुनौतियों के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने मजबूत इरादों से डॉक्टर बनने का सपना साकार किया। प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने चंद्रेश पात्र को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता बस्तर के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि चंद्रेश ने यह साबित किया है कि मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, कौशल और युवा विकास को लेकर लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा सरकार ने बस्तर को केवल विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है, बल्कि इसे शिक्षा का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं और उसे पूरा भी कर रहे हैं। यह भाजपा सरकार की दूरदर्शी शिक्षा नीति और सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है।

एकलव्य” से मिल रही नई उड़ान
मंत्री एवं नारायणपुर क्षेत्र के विधायक केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बस्तर में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय आदिवासी और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और प्रतियोगी माहौल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच सीमित थी, वहां आज बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। चंद्रेश पात्र की उपलब्धि इसी सकारात्मक परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है।

बस्तर की पहचान हैं युवा प्रतिभाएं
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के लिए नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियों के लिए भी पहचाना जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि चंद्रेश पात्र की सफलता अन्य युवाओं को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करेगी और क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।

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