पैतृक भूमि पर निर्माण का विरोध, सर्व आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
बीजापुर (के. संतोष)- जिले के भोपालपटनम तहसील के गोटाईगुड़ा में पैतृक भूमि पर निर्माण कार्य के विरोध में रूढ़िजन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज एवं सर्व आदिवासी समाज की संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में समाज प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों, पटेल, पुजारी, गायता, पेरमा, वड्डे गुनिया, सरपंच-पंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोटाईगुडा की पैतृक एवं पुरखों से प्राप्त भूमि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित है। समाज ने स्पष्ट किया कि गांव के बच्चों के बेहतर भविष्य और शिक्षा के हित में डीएवी स्कूल निर्माण के लिए भूमि प्रदान की गई थी, लेकिन स्कूल परिसर के अतिरिक्त किसी अन्य निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।समाज प्रमुखों ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची एवं पेसा कानून के अंतर्गत आता है, जहां परंपरागत ग्राम व्यवस्था और आदिवासी समुदाय के अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय द्वारा पटेल, सरपंच एवं सचिव को नोटिस जारी करना दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि डीएवी स्कूल निर्माण के लिए ग्राम उल्लूर में पहले से पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। ऐसे में गोटाईगुडा की सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व की भूमि पर खेल मैदान या अन्य निर्माण का औचित्य समझ से परे है। समाज का कहना है कि भविष्य में गांव की सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामुदायिक आवश्यकताओं के लिए इस भूमि की जरूरत पड़ सकती है।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि आदिवासी समाज विकास का विरोधी नहीं है। शासन की विभिन्न योजनाओं, सर्वेक्षणों एवं जनहित कार्यों में समाज हमेशा सहयोग करता आया है और आगे भी करता रहेगा। लेकिन परंपरागत अधिकारों एवं पैतृक भूमि से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समाज के निर्णय और भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया तो भविष्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बैठक में महिलाओं, युवाओं तथा विभिन्न ग्रामों के समाज प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
