हटाए गए विवादित थानेदार जायसवाल
जगदलपुर। बस्तर संभाग के कांकेर जिले के विवादित थानेदार रमेश जायसवाल को आखिरकार अंतागढ़ थाने से चलता कर दिया गया है। जायसवाल ने अंतागढ़ मार्ग पर जारी सरपंच आंदोलन के दौरान पत्रकारों से अभद्र व्यवहार किया था।. जायसवाल के अलावा जिले के कई अन्य थानेदार भी इधर से उधर किए गए हैं।
कांकेर जिला पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। जारी तबादला आदेश के अनुसार भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख को उनके वर्तमान पद पर ही यथावत रखा गया है। वहीं दुर्गुकोंदल थाना प्रभारी का तबादला कर उन्हें अंतागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तेज वर्मा को पखांजूर थाना भेजा गया है। पखांजुर को कांकेर जिले का सबसे संवेदनशील थाना क्षेत्र माना जाता है। पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई पदस्थापनाओं के बाद थाना प्रभारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दी हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे जिले में व्यवस्था और बेहतर होगी तथा आम जनता को त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।
विवादों से रहा है नाता
थानेदारों के तबादले में अंतागढ़ के थाना प्रभारी रमेश जायसवाल के तबादले की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। कई मामलों में विवादित रहे अंतागढ़ के थाना प्रभारी रमेश जायसवाल को हटा कर उनकी जगह दुर्गूकोंदल के थानेदार को पदस्थ किया गया है। हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक कांकेर के अनुसार यह रूटीन फेरबदल है और कानून व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ये तबादले किए गए हैं। मगर यह भी सच है कि पिछले महीने जिस प्रकार पत्रकारों के साथ थानेदार रमेश जायसवाल से मतभेद की खबर सामने आई थी, उससे सबको पता हो गया था कि अब दरोगा जी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। करीब दो दर्जन प्रभारी यहां से वहां किए गए है, जिसमें प्रमुखता से रमेश जायसवाल की चर्चा है
