एलबी संवर्ग शिक्षकों को मिले केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम के तहत हक
जगदलपुर। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रांतीय निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी के आह्वान पर, प्रदेश महासचिव डेसनाथ पांडे एवं प्रांतीय सह सचिव चंद्रभूषण ठाकुर के मार्गदर्शन एवं संभागीय अध्यक्ष अमलेश ठाकुर के नेतृत्व मे एक सूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री एवं शिक्षा सचिव के नाम आयुक्त बस्तर संभाग को ज्ञापन सौपा गया।
ज्ञापन में 1998 से 2004 के पूर्व के सभी शिक्षकों को उनकी देय तिथि से गणना करते हुए पेंशन, जीएफ एवं अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की गई है। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर को अवगत कराया गया कि शिक्षकों की नियुक्ति 1998-99 में शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित पदों पर पेंशन योग्य पदों पर की गई थी। 2001 में इन शिक्षकों का नियमितीकरण और शासकीयकरण 2018 में किया गया। 2004 के पूर्व पेंशन लागू थी। 2004 के पूर्व नियुक्त सभी कर्मचारियों को जिनकी नियुक्ति 2004 के पूर्व की गई थी और जिनका नियमितीकरण 2004 के बाद किया गया, उन सभी को नियुक्ति तिथि से पुरानी पेंशन सहित सकल लाभ दिया गया, सिर्फ शिक्षकों को ही इस लाभ से वंचित कर रखा गया है। केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम नियमावली 1972 के तहत देय तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन सहित सकल लाभ दिया जाना चाहिए। संघ द्वारा लगातार मंत्री, विधायकों, मुख्यमंत्री एवं शासन प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा जा चुका है। कई बार आश्वासन भी दिया गया परंतु आज तक इस विषय पर कभी गंभीरता से शासन द्वारा विचार नहीं किया गया। 1998-99 के सेवानिवृत शिक्षकों की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है और आने वाले समय में हम सभी की वही स्थिति होने वाली है क्योंकि शासन हमारे पूर्व की सेवा काल को शून्य मानते हुए हमारी नियुक्ति सन 2018 बता रहा है। जबकि 2004 से पूर्व की शिक्षक साथियों के लिए आज तक कोई आदेश प्रसारित नहीं किया गया है। जो भी आदेश प्रसारित किया गया वह 2004 के बाद का है। 2004 से पूर्व पुरानी पेंशन लागू थी एवं मध्य प्रदेश में पूर्व में भी स्थानीय निकायों को विभाग में संविलयन करते हुए नियुक्ति तिथि 1952 से सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन का लाभ दिया गया तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के तहत हमारा अधिकार ही नहीं बल्कि हक बनता है कि 98 से गणना करते हुए हमें पुरानी पेंशन सहित सकल लाभ दिया जाए। छत्तीसगढ़ में सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी कर्मचारी को पेंशन का लाभ दिया जा रहा रहा है। फिर 98 से 2004 के पूर्व के शिक्षक साथी पेंशन अधिकार से क्यों वंचित है? यह भारतीय संविधान की धारा 14 के प्रतिकूल कृत्य है। इस पर शासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए। ज्ञापन सौपने के दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष मीरा ठाकुर, संगठन मंत्री माया वैद्य, ज़िला अध्यक्ष कृष्णा बघेल, नेत्री पाढ़ी, मसूराम मंडावी, कुशनु बघेल, अनंत राम मेश्राम, नीरा दामले, वृंदा ध्रुव, आशानिधि आनंद, संतोष बिसाई, कैलाश बाकड़े, रमा किरार, केशव मंडन, खगेश्वर नेगी उपस्थित थे l
