अटल डिजिटल सुविधा केंद्र बना ग्रामीणों की सुविधा का नया केंद्र
कवर्धा,,, कबीरधाम जिले के ग्राम राजानवागांव की लगभग 74 वर्षीय श्रीमती गीता पटेल के जीवन में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ने नई सुविधा और राहत लेकर आई है। पति के निधन के लगभग 18 वर्ष बाद वे अकेले जीवन यापन कर रही हैं। उम्र बढ़ने के साथ शहर जाकर आवश्यक कार्य करना उनके लिए कठिन और खर्चीला होता जा रहा था। ऐसे समय में गांव में शुरू हुआ अटल डिजिटल सुविधा केंद्र उनके लिए सहारा बन गया। श्रीमती गीता पटेल बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। पहले इस राशि को निकालने के लिए उन्हें शहर जाना पड़ता था। यात्रा में समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। कई बार केवल आने-जाने में ही राशि का कुछ हिस्सा खर्च हो जाता था। बढ़ती उम्र के कारण सफर करना भी आसान नहीं था। वे बताती हैं कि ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू होने के बाद उनकी परेशानी काफी हद तक समाप्त हो गई। अब वे गांव में ही आसानी से अपनी सहायता राशि निकाल लेती हैं। इसके लिए न शहर जाने की जरूरत पड़ती है और न अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। इससे समय की बचत होने के साथ उन्हें मानसिक राहत भी मिली है। श्रीमती गीता पटेल कहती हैं कि जीवन में कई चुनौतियां आईं, लेकिन शासन की योजनाओं ने उन्हें सहयोग दिया। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि और गांव में उपलब्ध डिजिटल सेवाओं ने उनके दैनिक जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों तक शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों का लाभ अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, आधार संबंधी सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, टिकट बुकिंग, राशि आहरण एवं हस्तांतरण सहित अनेक डिजिटल सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।
